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Jodhpur News: साइक्लोनर टीम ने की बड़ी कार्रवाई, 65 हजार रुपये की दो इनामी आरोपी पुलिस हिरासत में

Mon, 07 Jul 2025 04:20 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

लंबे से समय से पुलिस से बचकर भाग रहे 65 हजार रुपये के दो आरोपियों को पकड़ने में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर टीम ने सफलता हासिल की है।
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साइक्लोनर टीम की कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जोधपुर रेंज की साइक्लोनर टीम ने ऑपरेशन अस्मिता भ्रम और ऑपरेशन भलाल देव के तहत हत्या और मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में वांछित दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये दोनों आरोपी दो साल से फरार चल रहे थे और उन पर कुल 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था। रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि हत्या के आरोपी विष्णु उर्फ ठेकेदार, निवासी चिरढाणी, पीपाड़ को ऑपरेशन अस्मिता भ्रम के तहत जयपुर के जौहरी बाजार से गिरफ्तार किया गया। उस पर 40 हजार का इनाम घोषित था।

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नशा तस्कर भैरूलाल देवासी, निवासी निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ को ऑपरेशन भलाल देव के तहत जयपुर जिले के फुलेरा जंक्शन से पकड़ा गया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था। विष्णु और उसके साथियों ने पहचान के भ्रम में गलत व्यक्ति की हत्या कर दी थी। आरोपी दो साल से पहचान बदलकर जयपुर में रह रहा था। वह कभी मजदूर बनता, कभी विद्यार्थी, तो कभी सेल्समैन बनकर पुलिस को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने जब पुष्टि की तो टीम ग्राहक बनकर कपड़े की दुकान पहुंची और जयपुर के जौहरी बाजार से उसे दबोच लिया।

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विष्णु के पिता ट्रक ड्राइवर हैं और भाई फौज में है। उसने शारीरिक शिक्षा की डिग्री ली और सूरतगढ़ में पढ़ाई के दौरान अपराधी प्रवृत्ति के युवाओं के संपर्क में आ गया। जोधपुर के चेराई गांव में उसने एक दुश्मन को सबक सिखाने के चक्कर में गलत व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इधर नशा तस्करी के आरोपी भैरूलाल देवासी ने सीमेंट फैक्ट्री में मजदूरी के दौरान डोडा चूरा की तस्करी शुरू की थी। शुरुआत में वह दो-दो किलो की खेप लाता था, लेकिन बाद में क्विंटलों में सप्लाई करने लगा। गिरफ्तारी के बाद जेल में हनुमान नामक तस्कर से मिलकर उसने बड़े पैमाने पर डोडा-चूरा की तस्करी शुरू की। बाहर आने पर एक अन्य तस्कर के साथ मिलकर कारोबार बढ़ाया लेकिन आपसी रंजिश में उसकी खेप बाड़मेर पुलिस द्वारा जब्त करवा दी गई।
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भैरूलाल पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह बार-बार नाम-पता बदलकर फरारी काट रहा था। खाटूश्यामजी से दर्शन कर लौटते समय साइक्लोनर टीम ने उसे फुलेरा स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि "दोनों ऑपरेशन टीमवर्क और खुफिया जानकारी की सफलता हैं। विष्णु जैसे अपराधी ने वर्षों तक पहचान बदलकर पुलिस को गुमराह किया। भैरूलाल ने तस्करी के नेटवर्क को संगठित तरीके से संचालित किया था। दोनों की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी उपलब्धि है।

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