भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने शनिवार को विकास यात्रा में नया अध्याय जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संस्थान की फेज़ 3B विकास परियोजना का शिलान्यास किया। इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल ₹672.89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शैक्षणिक और शोध अधोसंरचना पर निवेश
परियोजना की लागत में से ₹522.89 करोड़ शैक्षणिक एवं आवासीय अधोसंरचना के विकास पर और ₹150 करोड़ उन्नत शोध सुविधाओं पर व्यय होंगे। इसके अंतर्गत नया शैक्षणिक ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी पार्क और लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
आधुनिक आवासीय सुविधाएं
छात्रों और शिक्षकों के लिए तीन छात्रावास (640 कक्ष), 150 कमरों वाला विज़िटर हॉस्टल, डाइनिंग हॉल, छह टाइप-बी आवासीय ब्लॉक (प्रत्येक में 96 फ्लैट) और पाँच टाइप-सी ब्लॉक (प्रत्येक में 80 फ्लैट) बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं से कैंपस का जीवनस्तर और अधिक आधुनिक और सुलभ होगा।
प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आईआईटी जैसे संस्थान भारत की शान हैं और विकसित भारत के सपनों के स्तंभ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई शैक्षणिक और शोध अधोसंरचना भविष्य के वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को तैयार करने में मददगार साबित होगी।
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संस्थान और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश के. अग्रवाल ने इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सहयोग, सृजनशीलता और नवाचार को नई दिशा देगी। वहीं सांसद राजेंद्र गहलोत ने कहा कि यह ₹672.89 करोड़ का निवेश शिक्षा और शोध क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है, जो आत्मनिर्भर भारत 2047 के विज़न को गति देगा।
आयोजन और प्रबंधन
लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में हुए समारोह में संकाय, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। इस परियोजना के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को प्रबंधन एजेंसी नियुक्त किया गया है और कार्य की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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