सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इन विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा स्कूल स्तर पर ही मिलने लगेगी।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए नए सत्र से यह सुविधा मिलने लगेगी। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्र—छात्राओं के जाति प्रमाण—पत्र सम्बंधित स्कूलों में ही बनाए जाएंगे। ताकि स्कूल स्तर से ही उन्हें आरक्षण प्रावधानों के तहत लाभ मिल सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन ने निर्देश जारी कर कहा है कि जाति प्रमाण—पत्र बनवाने की जिम्मेदारी अगले सत्र से सम्बंधित संस्था प्रधान की होगी।
इसके लिए संस्था प्रधान ही स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से प्रमाण—पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र भरवाएंगे। इन आवेदनों में किसी प्रकार की गलती न हो ये भी संस्था प्रधान सुनिश्चित करेंगे। इसके बाद सभी आवेदन ई—मित्र और सीएससी के माध्यम से सक्षम अधिकारी को भिजवाएंगे। यही नहीं प्रमाण—पत्र बनने के बाद विद्यालय स्तर पर ही इनका वितरण होगा। गौरतलब है कि अभी तक जाति प्रमाण—पत्र विद्यार्थी खुद ही सरकारी आॅफिसों या ई—मित्र के माध्यम से बनवाते थे, जिसमें कई गलतियां होने की संभावना रहती थी। इसी के चलते ये निर्णय लिया गया है।