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राजस्थान: ज्योतिषी बनकर बीएसटीसी छात्रा को ठगा, नौकरी के नाम पर ऐंठे 11 लाख

Thu, 15 Oct 2026 03:27 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में एक महिला कथित ठगों के जाल में फंस गई। आरोप है कि जोधपुर में ज्योतिषी बनकर मिले व्यक्ति ने शिक्षा विभाग में ऊंची पहुंच का दावा किया और नियुक्ति दिलाने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रुपये वसूले। महिला से सोने के गहने भी ले लिए गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर के बासनी थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक महिला से 11 लाख रुपये और सोने के गहने ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने खुद को ज्योतिषी और उच्च अधिकारी बताया तथा शिक्षा विभाग में बड़ी पहुंच होने का दावा किया। शिकायतकर्ता की तहरीर पर पुलिस ने बासनी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मूल रूप से बिलाड़ा के झाक निवासी और वर्तमान में बासनी के महादेव नगर में रहने वाली चंचल राठौड़ बीएसटीसी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। पीड़िता के अनुसार जनवरी 2025 में वह अपनी बहन के साथ सांगरिया फांटा स्थित ज्योतिषी समाधान व महाबली प्रिंट्स नामक दुकान पर गई थी। वहां उनकी मुलाकात भूपेश कुमार दवे नाम के व्यक्ति से हुई। भूपेश ने खुद को ज्योतिषी बताते हुए सरकारी नौकरी दिलाने के लिए कुछ धार्मिक अनुष्ठान और टोटके करने की सलाह दी। उसने अपना मोबाइल नंबर दिया और दावा किया कि उसके कई शिष्य सरकारी नौकरी में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

फर्जी पहचान बनाकर बुना ठगी का जाल
पीड़िता ने जब बाद में उससे संपर्क किया, तो आरोपी ने बताया कि उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी उमेश से बात कर ली है। उसने दावा किया कि उमेश पहले भी अपनी बेटी को नौकरी दिलवा चुके हैं। आरोपी के कहने पर पीड़िता ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेज दिए। इसके बाद ठग ने बिलाड़ा के पास पुस्तकालयाध्यक्ष का पद खाली होने की बात कहकर पीड़िता को आसानी से नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
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ठगों ने पीड़िता को जाल में फंसाने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए। कभी आवेदन पत्र भरने, कभी दस्तावेज सत्यापन, तीन वर्ष के अनुभव प्रमाण-पत्र, गारंटर और भाषा पाठ्यक्रम के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई। पीड़िता को पूरी तरह अपने प्रभाव में लेने के लिए आरोपियों ने जयपुर और जोधपुर में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास फाइल प्रक्रिया में होने का झूठा दावा किया।

इलाज और हस्ताक्षर के नाम पर ऐंठे गहने
मार्च 2025 में कंप्यूटर कोर्स की अंकतालिका और हलफनामे के नाम पर 20,000 रुपये मांगे गए। पीड़िता द्वारा असमर्थता जताने पर आरोपी भूपेश ने नाटक रचा कि वह अपनी माता के उपचार के लिए गुजरात गया हुआ है। उसने पीड़िता को अपने गहने दुकान पर मौजूद अपनी पत्नी ज्योति दवे और बेटी पूजा दवे को सौंपने के लिए कहा। पीड़िता ने आरोपी के झांसे में आकर कान के छोटे और बड़े दो जोड़े गहने दुकान पर दे दिए।

इसके बाद बिलाड़ा के एक खंड विकास अधिकारी के नाम पर फाइल स्वीकृत कराने के एवज में 1,70,000 रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने अपने पिता गंगा सिंह से 1 लाख रुपये उधार लेकर आरोपी भूपेश को दिए। शेष 70,000 रुपये का प्रबंध करने के लिए पीड़िता को अपनी सास की सोने की चेन और अंगूठी गिरवी रखनी पड़ी।

फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर दर्ज कराई प्राथमिकी
इसके बाद भी ठगी का सिलसिला थमा नहीं। आरोपियों ने नियुक्ति से पहले होने वाली जांच रुकवाने और नए अधिकारी के नाम पर किश्तों में और रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने रुपये के साथ-साथ सोने की रखड़ी, हाथ की पूंछ और गले की कंठी जैसे बहुमूल्य आभूषण भी हड़प लिए।

कुछ समय बाद पीड़िता को जब संदेह हुआ तो जांच करने पर पता चला कि उमेश नाम का कोई अधिकारी नहीं था, बल्कि आरोपी भूपेश ही खुद उमेश बनकर बात कर रहा था। सच सामने आने के बाद पीड़िता ने जब दिए गए नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता बासनी थाने पहुंची और नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
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