जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट में 60 लोग हुए थे घायल।
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राजस्थान के जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को हादसे में बुरी तरह घायल पांच महिलाओं ने भी दमतोड़ दिया। लगातार हो रही मौतों के बाद परिजनों के सब्र का बांध टूट गया वे मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। इधर, केंद्र सरकार ने हादसे में जान गंवा चुके लोगों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। पीड़ितों को यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। बतादें कि हादसे के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पीड़ितों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मृतकों और घायलों के परिजनों को मदद का आश्वासन दिया था। जिसे अब पूरा कर दिया गया है।
परिजनों की सरकार से ये मांग
हादसे में घायल, मृतकों के परिजन और समाज के लोग गुरुवार से अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ हुए हैं। उनकी मांग है कि सरकार घायलों को 25 लाख और मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये के मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।
आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में गुरुवार को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई।
महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।