प्लास्टिक थैलियों पर सरकारी रोक के बावजूद शहर में किराने की दुकान से लेकर सब्जी की रेहड़ी तक खुलेआम इन थैलियों का उपयोग हो रहा है। शहर के बाजार में रोजाना 100 किलो तक प्लास्टिक पॉलिथीन खप रही है। दुकानदारों के पास प्रतिबंधित पॉलीथिन का स्टॉक भरा पड़ा है। छोटे से छोटा सामान भी दुकानदार प्लास्टिक पॉलिथीन में पैक करके थमा देते हैं।
पर्यावरण के लिहाज से बेहद घातक माने जाने वाली 5 MM तक की पॉलिथीन के प्रयोग पर सरकार ने पूर्ण रूप से रोक लगा रखी है। इसका इस्तेमाल करते पाए जाने पर जुर्माने से लेकर जेल तक हो सकती है लेकिन सरकार की इस आदेश की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक के संबंध में समय-समय पर चलाए जा रहे अभियान महज खानापूर्ति होकर रह गए हैं।
नगर परिषद की टीम की सुस्त कार्रवाई से दुकानदारों में भी भय कोई नहीं रहा है। दुकानदारों से केवल पॉलिथीन जब्त कर ली जाती है, जुर्माना नहीं लगने से उनका डर खत्म हो गया है। पॉलिथीन का इस्तेमाल बंद करने के लिए लोगों को इनके विकल्प के इस्तेमाल करने को लेकर जागरूक करने की जरूरत है।
शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में भी पॉलिथीन बड़ी मुसीबत बनी हुई है। शहर के नाले प्लास्टिक थैलियों से भरे नजर आ रहे हैं। खुले में पड़ी होने से लावारिस जानवर इन्हें खाकर बीमार हो रहे हैं।