झुंझुनूं के सरकारी स्कूलों में नामांकन का हाल बुरा है। आंकड़े खुद अधिकारियों के लिए शर्मनाक हैं। कहीं दो शिक्षकों पर चार बच्चे हैं तो कहीं शिक्षक और बच्चे दोनों दो-दो हैं। कहीं शिक्षक छह हैं तो पढ़ने वाले भी छह बच्चे ही हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे और न ही नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं। जिले में कुल 229 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां दस-दस से कम नामांकन हैं। इतना होने के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
कंप्यूटर लैब चालू करवाएं
नामांकन बढाएं
पोषाहार की नियमित जांच करें
हर ब्लॉक से उत्कृष्ट परफॉर्मेंस करने वाले दो अध्यापकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा
प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों का हर महीने मूल्यांकन होगा
माध्यमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए साप्ताहिक टेस्ट लिए जाएंगे
बच्चों के होमवर्क की नियमित जांच होगी
दूसरा मामला...
अलसीसर में 18
बुहाना में 17
चिड़ावा में 18
झुंझुनूं में 17
खेतड़ी में 28
मंडावा में 14
नवलगढ़ में 27
पिलानी में 18
सिंघाना में 17
सूरजगढ़ में 21
उदयपुरवाटी में 34
(दस से कम नामांकन वाले स्कूल)
कलेक्टर ने लगाई फटकार
शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला निष्पादन समिति की बैठक में बुधवार को जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल काफी नाराज नजर आईं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कहा, बैठक में केवल पांच बिंदुओं की सूचना लेकर आ गए। कलेक्टर ने बैठक में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से विद्यालयों में संचालित आईसीटी लैब के बारे में पूछा तो बगलों में झांकने लगे, लैब के बारे में जानकारी नहीं दे पाए। झुंझुनूं शिक्षा अधिकारी सुभाष ढाका से इस पूरे मामले में जानकारी लेने के लिए फोन किया गया। लेकिन उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा।