आज के दौर में ईमानदारी की कहानियां भले ही दुर्लभ हो गई हों लेकिन झुंझुनू में एक ऐसा उदाहरण सामने आया, जिसने यह साबित कर दिया कि ईमानदारी अभी जिंदा है। मलसीसर के एक दुकानदार रामेश्वर ने 10 लाख रुपये के गहनों से भरा बैग उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ जा रही बस में झुंझुनू से बैठी एक महिला भादरा में उतरने वाली थी। महिला ने अपना बैग बस की डिक्की में रखा था, बस मलसीसर के हीरा सर्कल पर रुकी, जहां एक व्यक्ति ने डिक्की से अपना सामान निकालते समय महिला का बैग भी बाहर रख दिया और उसे वापस नहीं रखा। इसके बाद बस वहां से रवाना हो गई और भादरा पहुंचने पर महिला को डिक्की में अपना बैग नहीं मिला तो वह परेशान हो गई।
इधर हीरा सर्कल पर लावारिस पड़े बैग को दुकानदार रामेश्वर ने देखा तो इसकी सूचना रोडवेज ड्राइवर नरेंद्र को दी। नरेंद्र ने तत्काल संबंधित परिचालक और महिला को सूचना पहुंचाई। महिला जब वापस मलसीसर पहुंची तो रामेश्वर ने बैग लौटाकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। बताया गया है कि बैग में 10 लाख रुपये के गहने थे।
यह पहली बार नहीं है जब रामेश्वर ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है, इससे पहले भी वे 10 लाख रुपये लौटाकर चर्चा में आ चुके हैं। महिला यात्री ने बैग सुरक्षित लौटाने पर रामेश्वर और रोडवेज स्टाफ का आभार जताया।