झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी)-2026 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य के सभी 24 जिलों में एक नवंबर को परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक), राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इस साल राज्यभर में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5,65,048 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों की इस परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परिषद ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दर्ज जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी है। खास बात यह है कि पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के तीन परीक्षा केंद्रों के नाम और पते में बदलाव किया गया है।
दो पालियों में होगी जेटीईटी-2026 की परीक्षा
जेटीईटी-2026 का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज समय और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।
प्राथमिक स्तर पर 1.95 लाख और उच्च प्राथमिक में 3.69 लाख अभ्यर्थी
इस परीक्षा में दो अलग-अलग स्तरों के लिए अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। कक्षा एक से पांच तक के प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 1,95,935 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 3,69,113 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस तरह दोनों स्तरों को मिलाकर कुल 5,65,048 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
धनबाद में सबसे ज्यादा 108 परीक्षा केंद्र, रांची दूसरे स्थान पर
राज्य के 24 जिलों में बनाए गए 986 परीक्षा केंद्रों में सबसे अधिक केंद्र धनबाद में हैं। यहां कुल 108 केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी रांची 101 परीक्षा केंद्रों के साथ दूसरे स्थान पर है। रांची में 65 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में 93, बोकारो में 72 और हजारीबाग में 53 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
सभी 986 केंद्रों पर सीसीटीवी से होगी निगरानी
परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने केंद्रों के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं। परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सभी 986 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, गृह रक्षक और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित परिवहन के लिए भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। झारखंड अधिविद्य परिषद ने परीक्षा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और चेकलिस्ट जारी की है। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के तीन केंद्रों के पते बदले
परीक्षा से ठीक पहले झारखंड अधिविद्य परिषद ने पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के तीन परीक्षा केंद्रों के नाम और पते में संशोधन किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि बदलाव केवल केंद्रों के नाम और पते में किया गया है। केंद्र कोड पहले की तरह ही रहेंगे। पूर्वी सिंहभूम जिले के केंद्र कोड 51079 पटमदा इंटर कॉलेज, जाल्ला, पटमदा के विवरण में आंशिक संशोधन किया गया है।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए परिषद ने विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेगा।
7485093436
7485093437
7485093440
परीक्षा केंद्र जाने से पहले प्रवेश पत्र की जांच जरूर करें
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए रवाना होने से पहले अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज सभी जानकारियों की जांच कर लेनी चाहिए। इसमें केंद्र का नाम, पूरा पता, केंद्र कोड और परीक्षा की पाली शामिल हैं। विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के संबंधित अभ्यर्थी पुराने पते पर जाने की गलती न करें। उन्हें संशोधित पते के अनुसार ही परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। जिन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र दूरस्थ जिलों में हैं, उन्हें अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, ताकि वे समय से पहले केंद्र पहुंच सकें। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में भी समय लग सकता है। ऐसे में अंतिम समय की जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा।