प्रदेश में ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग को लेकर राजस्थान के अन्य हिस्सों के बाद जालोर जिले के सांचोर में भी आवाज उठ चुकी है। अब प्रकृति बचाव आंदोलन को लेकर पर्यावरण संघर्ष समिति एवं समस्त विश्नोई समाज के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने सर्व समाज के बैनर तले सांचोर शहर को बंद रखकर रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान पर्यावरण प्रेमियों ने राजस्थान सरकार से "ट्री प्रोटेक्शन एक्ट राजस्थान" के नाम से कठोर कानून बनाकर राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। पर्यावरण संघर्ष समिति, समस्त विश्नोई समाज और सर्व समाजों के प्रकृति प्रेमी लोगों ने अमृता देवी सर्किल पर धरना देकर रैली निकाली और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सांचोर शहर पूरी तरह से बंद रहा।
ज्ञापन में 'ट्री प्रोटेक्शन एक्ट राजस्थान' नाम से कठोर कानून बनाकर राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि लंबे समय से सोलर प्लांट के नाम पर विकास और प्रगति के नाम पर प्रकृति को नष्ट किया जा रहा है। जहां, सोलर कंपनियां अपनी सौर ऊर्जा प्लेटें लगाती हैं, वहां की भूमि को पूरी तरह से रेगिस्तान में बदल दिया जाता है। समस्त वनस्पति को विनष्ट करके हजारों बीघा भूमि को वनस्पति-विहीन बंजर बना दिया जाता है।
पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि रेतीला क्षेत्र बनाकर वहां आग की भट्टी की तरह तपने वाले सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स की वजह से पूरा राजस्थान गर्माने लगा है। वृक्षविहीन धरती पर मानव जीवन भी खतरे में पड़ गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को अन्य राज्यों के ट्री एक्ट की समीक्षा करवा कर आगामी विधानसभा सत्र में "राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट" लागू करना चाहिए। इसी मांग को लेकर सांचोर बंद रखा गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई, जिला प्रमुख सुरजन राम साउ सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।