जालोर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सायला क्षेत्र के आसाणा टोल नाके के पास एक घर में चल रही अवैध एमडी फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। आरोपी अशोक उर्फ ओखाराम द्वारा अपने घर को दूध डेयरी की आड़ में इस्तेमाल कर नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी।
एएनटीएफ टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी के घर पर बड़े स्तर पर एमडी बनाने का काम चल रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी की। इस दौरान पाया गया कि सुबह-शाम कई संदिग्ध लोग और वाहन आरोपी के घर पर आते-जाते रहते थे। साथ ही बड़े-बड़े ड्रमों में केमिकल लाने की गतिविधियां भी सामने आईं।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एएनटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के अंदर रखी अलमारी से 101.5 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी और 201.8 ग्राम सहायक पाउडर बरामद किया गया। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 90,800 रुपए नकद भी जब्त किए गए, जिन्हें अवैध धंधे से अर्जित बताया जा रहा है।
पढ़ें: चार साल में पूरी हुई परीक्षा, फिर भी नहीं मिली नौकरी, अब 6 मई को DPI का घेराव करेंगे चयनित शिक्षक
टीम ने जब घर के बाड़े और आसपास के हिस्सों की तलाशी ली तो वहां भारी मात्रा में संदिग्ध केमिकल और उपकरण मिले। मौके से 50-50 लीटर के तीन ड्रम, 200-200 लीटर के दो बड़े ड्रम, 10 टीन पाम ऑयल, गैस सिलेंडर, बड़ी भट्टी (चूल्हा) और बिलौना मशीन बरामद की गई। इन उपकरणों को देखकर नकली घी और दूध बनाने की आशंका भी जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि जब्त सामग्री की जांच की जा सके। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी न केवल मादक पदार्थों का अवैध कारोबार कर रहा था, बल्कि नकली खाद्य सामग्री बनाने का काम भी करता था। पुलिस ने मौके से बरामद सभी संदिग्ध सामग्री को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिस पर जांच जारी है।