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Jaisalmer: छह किलो की जटिल पेट की गांठ का सफल ऑपरेशन, 60 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन

Wed, 11 Feb 2026 10:31 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

Jaisalmer News: जैसलमेर के हॉस्पिटल में 60 वर्षीय महिला के पेट से 6 किलो की विशाल गांठ का सफल ऑपरेशन किया गया। भारत-पाक सीमा क्षेत्र से 150 किमी दूर लाई गई मरीज की जटिल सर्जरी विशेषज्ञ टीम ने सावधानीपूर्वक पूरी की। सात दिन बाद महिला स्वस्थ होकर घर लौट गई।
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6 किलो की गांठ निकाल डॉक्टरों ने रचा रिकॉर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बसे जैसलमेर के एक दूरस्थ क्षेत्र की 60 वर्षीय महिला पिछले तीन महीनों से पेट में लगातार बढ़ती सूजन और दर्द से जूझ रही थी। उम्र के दो बड़े पड़ाव पार कर चुकी यह महिला जीवन के तीसरे चरण में प्रवेश ही कर रही थी, लेकिन अचानक आई इस बीमारी ने उसकी दिनचर्या छीन ली।

शुरुआत में उसने अपने दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज किया। वह अपने बच्चों को परेशान नहीं करना चाहती थी। लेकिन धीरे-धीरे पेट की सूजन इतनी अधिक बढ़ गई कि उसके लिए चलना-फिरना और रोजमर्रा के कार्य करना भी कठिन हो गया। अंततः जब दर्द असहनीय हो गया तो उसने भारी मन से अपने बच्चों को अपनी तकलीफ बताई और डॉक्टर को दिखाने की इच्छा जताई।
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150 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे जैसलमेर
मां की तकलीफ देखकर बच्चों ने बिना देर किए उसे लगभग 150 किलोमीटर दूर जैसलमेर स्थित हॉस्पिटल लाने का निर्णय लिया। वहां महिला को जनरल सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्ता राम पंवार को दिखाया गया।

प्राथमिक जांच में ही डॉक्टर पंवार स्थिति देखकर हैरान रह गए। महिला के पेट में एक विशाल गांठ थी, जो लगभग पूरे पेट में फैल चुकी थी। पेट के अंदर सामान्य अंगों के लिए बहुत कम जगह बची थी। ऐसी गंभीर स्थिति में भी महिला का जीवित रहना अपने आप में आश्चर्यजनक था।

जैसलमेर में ही ऑपरेशन का लिया गया निर्णय
बीमारी की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत आवश्यक जांचें करवाईं। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि यह एक बड़ी ओवेरियन मास (अंडाशय की गांठ) है, जिसे तुरंत ऑपरेशन द्वारा निकालना आवश्यक है। डॉ. सत्ता राम पंवार ने मरीज और उसके परिजनों की स्थिति तथा सेवा भाव को देखते हुए निर्णय लिया कि ऑपरेशन जैसलमेर में ही किया जाएगा। उन्होंने इसे केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि मानवता और जिम्मेदारी का दायित्व माना।

जटिल सर्जरी: 6 किलो की गांठ निकाली गई
करीब सात दिन पहले सभी जरूरी जांचों के बाद ऑपरेशन किया गया। यह सर्जरी अत्यंत जटिल थी। ऑपरेशन का मेडिकल नाम “Exploratory Laparotomy with Left Ovarian Mass Excision with TAH with BSO with Omentectomy” है, जिसमें पेट खोलकर अंडाशय की विशाल गांठ को हटाया गया और आवश्यक अंगों की सर्जिकल प्रक्रिया पूरी की गई।

ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा खतरा यह था कि यदि गांठ फट जाती तो शरीर में विषाक्त तत्व फैल सकते थे, जिससे मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इसलिए पूरी सर्जिकल टीम ने अत्यधिक सावधानी और सटीकता के साथ प्रक्रिया को अंजाम दिया।

सफल ऑपरेशन के बाद जब गांठ को बाहर निकाला गया तो उसका वजन लगभग 6 किलोग्राम पाया गया। यह जैसलमेर में अब तक निकाली गई सबसे बड़ी पेट की गांठों में से एक मानी जा रही है।
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सात दिन में स्वस्थ होकर घर लौटी महिला
लगातार सात दिन तक चिकित्सकीय देखरेख में रहने के बाद महिला पूरी तरह स्वस्थ हो गई। डॉक्टरों ने संतोषजनक स्थिति पाकर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। जिस महिला ने कुछ दिन पहले खुद को जीवन की अंतिम दहलीज पर खड़ा महसूस किया था, वह अब स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी है।

 


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