बालोतरा जिले के डोली में जोजरी नदी संरक्षण के लिए चल रहे धरने के दौरान पुलिस ने अनुमति न होने पर RLP नेता थानसिंह डोली को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद समर्थकों की भीड़ जुटी और माहौल गर्मा गया।
बालोतरा जिले के डोली क्षेत्र में जोजरी नदी संरक्षण को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को अचानक चर्चा में आ गया। तड़के करीब 5 बजे पुलिस ने धरना स्थल से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के वरिष्ठ नेता और आंदोलन के अगुवा थानसिंह डोली को हिरासत में ले लिया। प्रशासन का कहना है कि धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते कार्रवाई की गई।
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थानसिंह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग डोली टोल प्लाजा स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए। कुछ ही घंटों में समर्थकों की भीड़ सैकड़ों में बदल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय प्रतिनिधियों ने बालोतरा एसपी से मुलाकात कर थानसिंह की रिहाई की मांग की। सूत्रों के मुताबिक, लंबी बातचीत और दबाव के बाद देर रात पुलिस ने थानसिंह डोली को रिहा कर दिया। उनकी वापसी पर धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बिजली की सुविधा न होने के कारण समर्थकों ने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट और टॉर्च जलाकर उनका स्वागत किया।
थानसिंह डोली ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से आंदोलन में जुड़ने की अपील की और बताया कि 17 अगस्त को आरएलपी सुप्रीमो एवं सांसद हनुमान बेनीवाल का डोली आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जोजरी बचाओ आंदोलन का उद्देश्य जोधपुर की फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक और प्रदूषित पानी को रोकना है, जो नदी और आसपास के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।