पाकिस्तानी जासूस हनीफ खान चार दिन की रिमांड पर
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राजस्थान में लगातार सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जासूसों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। सीआईडी इंटेलिजेंस ने जैसलमेर जिले के बहला गांव निवासी हनीफ खान को गिरफ्तार किया है, जो भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, हनीफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान खुफिया एजेंसी के संपर्क में आया। पैसों के लालच में वह सेना की गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाता रहा। तकनीकी जांच और मोबाइल डेटा से यह स्पष्ट हुआ कि हनीफ पाकिस्तान और दुबई के नंबरों से लगातार संपर्क में था। वह तीन नामों नदीम खान, बानू और बानू भाई से लगातार बातचीत करता था। उसके खातों में अब तक 30 हजार रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि हनीफ भारत-पाक सीमा के पास होने के कारण सेना के मूवमेंट्स पर आसानी से नजर रख सकता था। उसने सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे मोहनगढ़ और घड़साना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भी पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाईं। विशेष रूप से, ऑपरेशन सिंदूर के समय भी उसने सेना की गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं साझा की थीं।
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विशेष लोक अभियोजक सुदेश कुमार सतवान के अनुसार, हनीफ पर राजकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एजेंसियों द्वारा केंद्रीय पूछताछ केंद्र, जयपुर में उससे पूछताछ जारी है। उसके खिलाफ ठोस सबूत एकत्रित किए गए हैं जो साबित करते हैं कि वह पैसों के बदले देशद्रोह की गतिविधियों में शामिल था।
गौरतलब है कि इस वर्ष अब तक जैसलमेर से चार जासूस पकड़े जा चुके हैं- भवानी सिंह, पठान खान, शकूर खान और अब हनीफ खान। यह कार्रवाई राजस्थान में आईएसआई नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और सक्रियता को दर्शाती है।
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