युवक की मौत को लेकर मोर्चरी के बाहर धरना देते परिजन और ग्रामीण
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जैसलमेर जिले के कोरवा गांव में एक बड़ा हादसा उस समय हुआ जब गांव में फॉल्ट ठीक करने गए युवक दलपत सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। फतेहगढ़ तहसील के भोपा जीएसएस पर तैनात लाइनमैन हरदेश ने फॉल्ट के दौरान दलपत को काम सौंप रखा था। ग्रामीणों के अनुसार हरदेश अपने भार कम करने के लिए गांवों में स्वयं कर्मचारियों को नियुक्त करता है जो लाइन फॉल्ट संबंधी काम देखते हैं।
शटडाउन के बाद अचानक आई बिजली और हुआ हादसा
रविवार रात करीब 9 बजे दलपत ने लाइनमैन से शटडाउन मांगा। हरदेश ने बिजली सप्लाई बंद कर दी, जिसके बाद दलपत सिंह खंभे पर चढ़कर फॉल्ट ठीक करने लगा। इसी दौरान अचानक बिजली आ गई और हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दलपत की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गांव में भारी आक्रोश फैल गया।
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मोर्चरी के बाहर धरना, हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने मृतक का शव लेकर जवाहर चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह मौत लाइनमैन की गंभीर लापरवाही का नतीजा है, इसलिए उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। साथ ही, मृतक परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता देने की मांग भी की जा रही है। दलपत के भाई कुटल सिंह ने खुडी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है, जिसमें लाइनमैन हरदेश पर आरोप लगाए गए हैं। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का समझौता नहीं हो पाया है।
बिजली विभाग की बढ़ती लापरवाहियां बनी चिंता का कारण
जैसलमेर जिले में पिछले दिनों से बिजली विभाग की कई लापरवाहियां सामने आई हैं, जैसे कहीं मुख्य सड़कों पर तार झूल रहे हैं, तो कहीं मोहल्लों में तार जमीन को छूने के करीब हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि लाइनमैन बिना अधिकारियों को सूचना दिए कर्मचारियों की नियुक्ति कैसे कर रहा है और उनकी मजदूरी का प्रबंध कहां से होता है। इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
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