जैसलमेर नगर परिषद के बब्बर मगरा क्षेत्र से बीजेपी पार्षद गिरधर सिंह सोडा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर नगर परिषद आयुक्त पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयुक्त प्रशासक नियुक्त होने के बाद से मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और कई निर्णय नियमों को ताक पर रखकर लिए जा रहे हैं।
पट्टा वितरण में अनियमितताओं का आरोप
सोडा ने आरोप लगाया कि आयुक्त ने पात्र लोगों को नियमों का हवाला देते हुए पट्टे देने से इनकार किया, जबकि कई अपात्र व्यक्तियों से 6 लाख रुपये लेकर रातों-रात पट्टे जारी कर दिए। पार्षद के अनुसार यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और भाई–भतीजावाद को बढ़ावा देता है।
कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप
पार्षद ने नगर परिषद कर्मचारी पवन आरओ, जेईएन नीरज बंसल और अन्य बाबुओं पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। उनके अनुसार इन कर्मचारियों ने अलग-अलग आवेदकों से 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेकर प्रधानमंत्री आवासों के 5 लाख रुपये स्वीकृत कराए, जिन पैसों से कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।
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दस्तावेज पेश कर लगाए आरोप, पहले भी उठाई आवाज
गिरधर सिंह सोडा ने मीडिया के सामने दस्तावेज भी प्रस्तुत किए और कहा कि उनकी आवाज पहले भी दबाई गई। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले उन्होंने विधायक छोटू सिंह भाटी की मौजूदगी में नगर परिषद कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
राज्य में आगामी महीनों में नगर निकाय और पंचायत के चुनाव होने हैं, ऐसे में सोडा द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक माहौल को गरमा रहे हैं। आयुक्त की कार्यशैली पहले से ही सवालों के घेरे में रही है और अब इन आरोपों से विवाद और गहरा हो गया है।