बालोतरा के समीपवर्ती बिठुजा गांव स्थित बाबा रामदेवजी की विश्राम स्थली भादवा शुक्ल पक्ष की दूज पर रविवार को श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रही। अवतरण दिवस पर आयोजित मेले में लाखों श्रद्धालु उमड़े और बाबा के चरणों में नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही आस्था का सैलाब चारों दिशाओं से बिठुजा धाम की ओर उमड़ पड़ा। हजारों पदयात्री पंचरंगी ध्वज थामे, डीजे की धुनों और गगनभेदी नारों के साथ मंदिर की ओर बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं का कारवां सूर्योदय से पहले ही मंदिर परिसर तक पहुंच गया और देर रात तक भक्तों का आना-जाना जारी रहा।
मुख्य मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कई श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद बाबा रामदेवजी की आदमकद प्रतिमा के दर्शन कर पाए। इस अवसर पर प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक कर आकर्षक वस्त्रों, आभूषणों और फूलमालाओं से श्रृंगार किया गया। सुबह 4:30 बजे मंगला आरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। मंदिर और परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों व फूलों से सजाकर दिव्य आभा से आलोकित किया गया।
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पदयात्रियों की सेवा के लिए समाजसेवी संस्थाओं और संगठनों ने मार्ग में जगह-जगह पेयजल, फल-फ्रूट और नाश्ते की व्यवस्था की। बालोतरा से बिठुजा धाम तक श्रद्धालुओं का स्वागत कर सेवाएं प्रदान की गईं। ट्रस्ट मंडल ने पुलिस प्रशासन और सभी सहयोगियों का आभार जताया।
राजस्थान सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, पचपदरा विधायक डॉ. अरुण चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी भी धाम पहुंचे और बाबा के दर्शन कर देश की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। ट्रस्ट मंडल ने साफा और दुपट्टा पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। मंत्री कुमावत ने भरोसा दिलाया कि मंदिर के विकास कार्यों में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। जिला एवं सेशन न्यायाधीश एम.आर. सुथार ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। विधायक डॉ. चौधरी की ओर से बालोतरा से बिठुजा धाम तक अस्थायी लाइटिंग की विशेष व्यवस्था करवाई गई।
बाबा दूज मेले का प्रमुख आकर्षण रहा धर्मबारी से निकलने की परंपरा। श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में इसे लेकर भारी उत्साह देखा गया। मान्यता है कि धर्म मार्ग से केवल पुण्यात्मा ही आसानी से बाहर निकल सकता है, जबकि पापी इसमें अटक जाता है। इस परंपरा को निभाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने धर्मबारी से निकलने का प्रयास किया और इसे सौभाग्य का प्रतीक माना।