जैसलमेर की रुणिचा धाम नगरी रामदेवरा में कॉलेज नहीं खुलने से उम्मीद लगाए बैठे हजारों विद्यार्थियों को बड़ी निराशा हुई। जबकि रामदेवरा में कॉलेज खोलने को लेकर स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री भी रामदेवरा दौरे में आश्वासन दे चुके थे, फिर भी वादा अधूरा रह गया।
रामदेवरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सर्वाधिक नामांकन को लेकर पिछले एक साल से न सिर्फ विद्यार्थी बल्कि ग्रामीण भी रामदेवरा में नए सत्र से कॉलेज खुलने की उम्मीद लगाए थे। इस साल के सीएम के बजट घोषणाओं में रामदेवरा में बालिका कॉलेज खोलने की घोषणा होने का क्षेत्र के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई।
बजट रिप्लाई में बालिका महाविद्यालय की थी उम्मीद...
लोगों को बजट रिप्लाई में रामदेवरा में बालिका कॉलेज खोलने की घोषणा होने की उम्मीद थी। इस दौरान कोई घोषणा कॉलेज खोलने को लेकर नहीं हुई, जबकि गत साल रामदेवरा दौरे पर आए सीएम अशोक गहलोत ने रामदेवरा में बालिका महाविद्यालय खोलने का आश्वासन दिया था। मंत्री भी कई बार विद्यालय के कार्यक्रमों में शिरकत के दौरान रामदेवरा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को नए सत्र से बालिका कॉलेज में क्रमोन्नत की बात कह चुके हैं।
पूरे क्षेत्र में सर्वाधिक नामांकन का विद्यालय...
रामदेवरा और आसपास के क्षेत्र में सर्वाधिक नामांकन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अव्वल है। यहां बालिका का नामांकन भी सबसे अधिक हैं। इसके बावजूद अनदेखी के चलते विद्यालय नए सत्र से कॉलेज में क्रमोन्नत नहीं हो पाया। रामदेवरा के तीनों उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढने वाली बालिकाओं का नामांकन भी एक हजार से अधिक होगा।
मजबूरी में जाना पड़ता है उपखंड मुख्यालय...
रामदेवरा में तीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने के बाद वर्तमान में कॉलेज खोलने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को कक्षा 12 के बाद 12 किमी दूर उपखंड मुख्यालय पर पढ़ने जाना पड़ता है, जबकि रामदेवरा में कॉलेज खोलने से क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांवों की हजारों बालिकाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। रामदेवरा में कक्षा 12 के बाद रामदेवरा में कॉलेज की व्यवस्था नहीं होने से कई बालिकाएं उच्च अध्ययन छोड़ देती हैं।