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'हम तो परमानेंट प्रभारी हैं': अशोक गहलोत ने पायलट से क्यों कही ये बात, जानिए पूरा मामला

Wed, 07 Oct 2026 07:12 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की बैठक के दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हल्का-फुल्का संवाद हुआ। गहलोत की चुटकी पर पायलट ने उन्हें 'असली प्रभारी' बताया, जिसके जवाब में गहलोत ने खुद को 'परमानेंट प्रभारी' कहा।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हुआ संवाद चर्चा का विषय बना - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस की बैठक में माहौल चुनावी तैयारियों का था, लेकिन कुछ पल ऐसे आए, जब गंभीर राजनीतिक चर्चा के बीच कमरे में मुस्कान तैर गई, मौका था पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों को लेकर जयपुर के सी-स्कीम स्थित कांग्रेस वार रूम में हुई बैठक का। प्रदेश के बड़े नेता एक साथ जुटे थे। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हुआ छोटा-सा संवाद चर्चा का विषय बन गया। बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। गहलोत जब बैठक कक्ष में पहुंचे तो मौजूद नेताओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। माहौल सामान्य था, लेकिन गहलोत ने आते ही सचिन पायलट को देखकर राजनीतिक रिश्तों के पुराने पन्ने पलटते हुए हल्की चुटकी ले ली।

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गहलोत ने पायलट से कही ये बात
गहलोत ने पायलट से कहा कि 'पहले ये आपके प्रभारी थे और अब आप इनके प्रभारी हो।' गहलोत का इशारा सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर था। दरअसल, रंधावा पहले राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं और उस समय सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे। अब राजनीतिक परिस्थितियां बदली हैं और रंधावा पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हैं। गहलोत की बात सुनकर पायलट मुस्कुराए और तत्काल जवाब दिया-'सर, कोई कहीं का भी प्रभारी बने, हम सबके असली प्रभारी तो आप ही हैं।'

पायलट के जवाब पर गहलोत ने भी किया मजाक

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पायलट के इस जवाब के बाद माहौल और हल्का हो गया। लेकिन गहलोत भी यहीं रुकने वाले नहीं थे। गहलोत ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- 'हम तो परमानेंट प्रभारी हैं।' इतना सुनते ही बैठक में मौजूद नेताओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई। कुछ ही शब्दों में दोनों नेताओं के बीच का यह संवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

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पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों पर हुई चर्चा
पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों को लेकर हुई इस बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करना था। लेकिन बैठक की औपचारिक चर्चाओं के बीच गहलोत और पायलट की यह नोकझोंक माहौल का सबसे दिलचस्प हिस्सा बन गई। लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में साथ-साथ चर्चा में रहने वाले दोनों नेताओं का यह अंदाज बैठक से बाहर भी सुर्खियां बटोरता नजर आया।

'इनके सिर्फ वार ही वार चलेगा'
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच और रूम में हुई मुलाकात के बाद निकले वीडियो ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मौका दे दिया है।प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा, इनके सिर्फ वार ही वार चलेगा।कोई मंथन नहीं हो सकता और गहलोत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह ही  वह है ,पायलट क्यों जबरदस्ती तैयारी करने में लगे हैं।

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इधर, भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि आपको भारतीय जनता पार्टी के नेता जमीन पर काम करते नजर आएंगे और यह  कॉंग्रेस के नेता आपस में वॉर रूम में बैठकर इसी प्रकार की बातें करते नजर आते हैं।हमारे यहां बड़े से बड़ा नेता भी कार्यकर्ता है लेकिन इनके यहां हर नेता  मुख्यमंत्री का दावेदार है।

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