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बीसलपुर के पानी पर टैंकर माफिया का कब्जा: जीपीएस ने खोली चोरी की पोल, रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा टैंकर भरते मिले

Wed, 07 Oct 2026 03:35 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में बीसलपुर के नि:शुल्क पानी की चोरी और अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। जीपीएस और फ्लो मीटर की जांच में सरकारी रिकॉर्ड से ज्यादा टैंकर पानी भरते मिले। आरोप है कि टैंकर माफिया सरकारी पानी को निर्माण कार्यों और सोसायटियों में 300 से 400 रुपये में बेच रहा है।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी जयपुर में जल संकट के बीच जनता को मिलने वाले बीसलपुर के नि:शुल्क मीठे पानी की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पानी का काला कारोबार करने वाला टैंकर माफिया सरकारी आपूर्ति का पानी चुराकर निर्माण कार्यों और सोसायटियों में 300 से 400 रुपये में खुलेआम बेच रहा है। तीन प्रमुख जल स्रोतों पर हुई जांच से सरकारी आंकड़ों और जमीनी सच्चाई के बीच बड़ा अंतर उजागर हुआ है।
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जीपीएस का पता चला तो बदल दिया टैंकर
मालवीय नगर में पानी आपूर्ति व्यवस्था की पड़ताल के दौरान एक टैंकर पर जीपीएस उपकरण लगाकर निगरानी की गई। सामान्य तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में एक टैंकर दिनभर में 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करता है। वहीं, जीपीएस ट्रैकिंग में यह टैंकर 17 किलोमीटर तक दौड़ता हुआ पाया गया, जिसका सीधा अर्थ था कि वह 8 से 10 अतिरिक्त फेरे लगाकर पानी बेच रहा था। विभाग की ओर से लगाए गए तीन टैंकर रोजाना सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच 12 से 15 बार ही चक्कर लगा सकते हैं। जब माफिया को टैंकर में लगे जीपीएस का पता चला तो उन्होंने उपकरण हटाकर नीले रंग के टैंकर की जगह हरे रंग का टैंकर लगा दिया।

रिकॉर्ड में 113, मौके पर 180 टैंकर
परिवहन नगर और खो-नागोरियान क्षेत्र में पानी के टैंकरों की गिनती में भारी अंतर पाया गया। परिवहन नगर के तीन पॉइंट पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच छह घंटे तक गिनती की गई। जहां सरकारी रिकॉर्ड में प्रतिदिन 100 से 113 टैंकर भरने का दावा था, वहीं मौके पर 180 टैंकर भरे जाते दिखाई दिए। खो-नागोरियान के बीसलपुर बूस्टर पंप हाउस के सरकारी रिकॉर्ड में सात दिनों में 439 टैंकर यानी औसतन 60 टैंकर रोजाना दर्ज थे। हालांकि, फ्लो मीटर के आंकड़ों से पता चला कि वहां से 623 टैंकर यानी रोजाना 90 से अधिक टैंकर पानी भरकर बेचे जा रहे थे। प्रत्येक टैंकर में 4,000 लीटर पानी भरा जा रहा था।
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दशकों पुराने चालक और कानूनी कार्रवाई
जलदाय विभाग में निविदाएं बदलने के बावजूद टैंकर चालक पिछले 12 से 15 वर्षों से एक ही जगह पर टिके हुए हैं। ये चालक अपने स्तर पर मनमानी करते हुए रोजाना तीन से अधिक फेरों का पानी चोरी कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ के अनुसार, टैंकर से पानी बेचने की शिकायत सही मिलने पर पेनल्टी लगाकर चालक को ब्लैकलिस्ट किया जाता है और बार-बार शिकायत आने पर ठेकेदार का टेंडर रद्द कर दिया जाता है। कानूनी रूप से पानी चोरी पर धारा 379 तथा पाइपलाइन में छेड़छाड़ पर लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाती है।
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