सार
राजस्थान में भीषण गर्मी और जल संकट के बीच पानी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। भजनलाल शर्मा ने बीसलपुर बांध से जल संरक्षण अभियान शुरू किया, जबकि जयपुर में कांग्रेस ने पानी की किल्लत और दूषित जलापूर्ति को लेकर प्रदर्शन किया।
राजस्थान में भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच पानी अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टोंक स्थित बीसलपुर बांध से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत कर जल संरक्षण का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर जयपुर में कांग्रेस ने पानी की किल्लत, दूषित जलापूर्ति और टैंकर माफिया के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करते हुए जल भवन का घेराव किया।
गंगा दशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल पूजन कर प्रदेश में अच्छी बारिश की कामना की। उन्होंने बिसलदेव महादेव मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी अभियान के तहत तालाबों, बांधों, बावड़ियों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण व सफाई का कार्य कराया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि प्रदेशभर में जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे। गांवों में जल चौपाल, श्रमदान, पौधारोपण, प्रभात फेरी और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आमजन से भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बीसलपुर बांध की स्काडा प्रणाली का भी अवलोकन किया। बताया जा रहा है कि इस आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली का निरीक्षण करने वाले वे राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अधिकारियों को बनास नदी रिचार्ज, एनिकट निर्माण और वर्षाजल संरक्षण को लेकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसरदा बांध का हवाई सर्वेक्षण कर जल प्रबंधन परियोजनाओं की समीक्षा की।
उधर राजधानी जयपुर में पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाचरियावास हाउस से हसनपुरा स्थित जल भवन तक पैदल मार्च निकाला और जल भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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धरने को संबोधित करते हुए खाचरियावास ने आरोप लगाया कि जयपुर की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है, जबकि सरकार समस्या के समाधान में विफल रही है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और टैंकर माफिया लोगों से मनमानी वसूली कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं को अतिरिक्त 200 लाख लीटर पानी की सप्लाई बढ़ाने के आदेश की प्रति सौंपी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पानी की कमी और दूषित जलापूर्ति की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में निशुल्क टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद कांग्रेस ने अपना धरना समाप्त कर दिया।