जयपुर के एसएमएस थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लाख रुपए के 43 मोबाइलों के साथ दो हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि दोनों बदमाश एसएमएस अस्पताल के आसपास के इलाकों में मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम दिया करते थे। लूटे गए मोबाइलों को ये बदमाश अपराध करने वाले लोगों को बेचा करते थे। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मामले को लेकर थानाधिकारी धमेन्द्र कुमार ने बताया कि 1 अप्रैल को दीपक कुमार ने एसएमएस थाने में मामला दर्ज करवाया था कि उसकी माताजी का इलाज एसएमएस अस्पताल में चल रहा है। वह एडवांस आईसीयू में भर्ती है। 28 मार्च को रात वह सोया और सुबह 4 बजे जब उठा तो देखा की मोबाइल गायब था। आसपास के लोगों से मोबाइल के बारे में पूछा तो किसी को भी जानकारी नहीं थी। इसके बाद मोबाइल चोरी को लेकर में एसएमएस थाने में रिपोर्ट दी जिस पर पुलिस टीम ने पीड़ित की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटना वाली जगह पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद पुलिस टीम ने कुछ संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ की जिस पर आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया और लूटे और चोरी किए गए मोबाइल रिकवर हुए।
कार सवार बदमाशों ने नाकाबंदी तोड़ पुलिस हेड कांस्टेबल को मारी टक्कर
बस्सी थाना पुलिस की सूचना पर कार सवार संदिग्ध बदमाशों को जटवाड़ा चौकी के पास पुलिस ने रुकने का इशारा किया। इस पर बदमाशों ने नाकाबंदी पर खड़े पुलिस हेड कांस्टेबल को टक्कर मार दी और इसके बाद बदमाश बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भाग निकले। इस संबंध में पुलिस हेड कांस्टेबल ने थाने में मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल संदिग्ध कार सवार बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर है।
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जटवाड़ा चौकी पुलिस हेड कांस्टेबल रामकेश ने मामला दर्ज करवाया कि बस्सी थाने से इत्तला मिली थी कि कार नंबर आरजे 60 सीडी 6399 दौसा से जयपुर की तरफ आ रही है। उसमें तीन-चार संदिग्ध बदमाश सवार है। उनकी रोक कर तलाशी ली जाए। इस पर नाकाबंदी करवाई गई। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध कार आती दिखी। इस पर पुलिस हेड कांस्टेबल ने उसे रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने कार की स्पीड़ बढ़ा दी और हेड कांस्टेबल को टक्कर मारने के बाद बेरिकैडिंग तोड़कर सरकारी वाहन को टक्कर मारकर वहां से भाग निकले।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 74.17 लाख की ठगी करने वाला शातिर को महाराष्ट्र से पकड़ा
जयपुर साइबर थाना पुलिस ने 74 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए महाराष्ट्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी, तुषार वासुदेव पुस्तके (निवासी दहिवडी, तालुका मान, जिला सातारा, महाराष्ट्र), लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देता था। वह अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाकर ठगी को अंजाम देता था।
ऐसे करता था ठगी
पुलिस उपायुक्त (अपराध) कुंदन कंवरिया ने बताया कि आरोपी साइबर ठगी के लिए फर्जी व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल करता था। वह पहले लोगों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ता और उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता। इसके बाद वह लुभावने विज्ञापनों और वेब पेज के लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन करवाता और निवेश की प्रक्रिया शुरू करवाता।
शातिर अपराधी शुरुआत में पीड़ित से छोटे-छोटे अमाउंट निवेश करवाकर उसे फर्जी मुनाफा दिखाता था, जिससे उसका विश्वास जीत सके। इसके बाद वह पीड़ित को बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित करता। जब पीड़ित अपने पैसे निकालने की कोशिश करता, तो विभिन्न प्रकार के टैक्स (इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स, मेंबरशिप चार्ज, वीआईपी फीस आदि) लगाकर निकासी रोक दी जाती। आखिर में, आरोपी पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप से हटा देता या अपना मोबाइल बंद कर लेता।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
साइबर थाना पुलिस को 15 जनवरी को एक पीड़ित ने शिकायत दी थी कि ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उससे 74.17 लाख रुपये ठगे गए। जांच के दौरान पुलिस को अलग-अलग बैंक खातों में 23 लाख रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का सुराग मिला। तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रैकिंग से आरोपी की पहचान तुषार वासुदेव पुस्तके के रूप में हुई। जब पुलिस उसके पते पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। बाद में मुखबिरों की सूचना पर उसे हिरासत में लिया गया और जयपुर लाकर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी से साइबर ठगी के और भी मामलों के खुलासे की संभावना है।