कोटपूतली के भैंसलाना के काले पत्थर
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को राजधानी नई दिल्ली में लगभग 971 करोड़ रुपयों की लागत से नवनिर्मित देश की नई संसद का उद्घाटन किया। संसद के उद्घाटन की प्रक्रिया समेत इसके निर्माण में इस्तेमाल किए गए पत्थर एवं विभिन्न बिन्दुओं व तथ्यों की पूरे देश में चर्चा है।
नई संसद के निर्माण में राजस्थान के छह जिलों की अहम भागीदारी है। यहां के अलग-अलग इलाकों से मंगवाए गए पत्थरों का इस्तेमाल संसद के निर्माण में किया गया है। जिससे अशोक स्तम्भ सहित विभिन्न चीजें बनाई गई हैं। पत्थरों की नक्काशी का काम राजस्थान के आबू रोड और उदयपुर के मूर्तिकारों ने किया है। वहीं, कोटपूतली के सुप्रसिद्ध भैंसलाना के काले पत्थर का इस्तेमाल भी संसद के निर्माण में हुआ है।
एमएस मार्बल, भैंसलाना के मालिक गोपाल सिंह शेखावत ने बताया कि दो वर्षों के दौरान संसद के निर्माण में 40 ट्रकों में भरकर करीब 500 टन काला पत्थर नई दिल्ली पहुंचाया गया है। उल्लेखनीय है कि यह माईन्स लगभग एक दशक से चल रही है। जिससे बनने वाली मूर्तियां देश-विदेश में विख्यात हैं। काले संगमरमर की यह खान कोटपूतली के ग्राम भैंसलाना है, जिसका उपयोग संसद के निर्माण में हुआ है। ऐसे में यह तथ्य कोटपूतलीवासियों के लिए बेहद गौरव की बात है।