राजस्थान के जोधपुर में चल रहे बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति में भारत के तेजस, राफेल और अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमानों ने एक साझा फॉर्मेशन में उड़ान भरी। एफ-35 की भारतीय वायुसेना के साथ किसी अभ्यास में यह पहली भागीदारी है।
राजस्थान के जोधपुर में चल रहे भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति में शनिवार को आसमान में भारतीय और मित्र देशों की वायु शक्ति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। अभ्यास में शामिल अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमानों ने पहली बार एक साझा फॉर्मेशन में एक साथ उड़ान भरी। इस फॉर्मेशन में भारत का स्वदेशी तेजस, फ्रांस का राफेल और अमेरिका का अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान शामिल रहा।
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इस साझा उड़ान को भारत और मित्र देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और आपसी तालमेल के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। भारतीय वायुसेना के अनुसार, संयुक्त फॉर्मेशन के जरिए मित्र देशों ने आपसी विश्वास, सटीकता और रक्षा सहयोग का संदेश दिया। इसका मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि साझेदारी में ही ताकत है।
40 देश युद्धाभ्यास में, 32 पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल
तरंग शक्ति में भारत के साथ करीब 40 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा 32 अन्य देश पर्यवेक्षक के तौर पर अभ्यास से जुड़े हैं। अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं अपने लड़ाकू विमानों और सैन्य क्षमताओं के साथ इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में शामिल हुई हैं। इसमें अमेरिका और भारत के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी समेत कई देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। युद्धाभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों के बीच संयुक्त अभियान, समन्वय और परिचालन क्षमता को परखा जा रहा है। वायु सैनिक 12 अक्टूबर तक इस अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
पहली बार तरंग शक्ति में शामिल हुआ एफ-35
इस युद्धाभ्यास की खास बात अमेरिकी एफ-35 की भागीदारी है। भारतीय वायुसेना के साथ किसी अभ्यास में एफ-35 की यह पहली भागीदारी है। इसके साथ ही स्वदेशी तेजस और राफेल के एक ही साझा फॉर्मेशन में उड़ान भरने से अभ्यास का यह चरण खास बन गया। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, इस संयुक्त उड़ान का संदेश सिर्फ सैन्य क्षमता दिखाना नहीं था, बल्कि भाग लेने वाले देशों के बीच भरोसे और रक्षा साझेदारी को मजबूत करना भी था। अलग-अलग देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का एक साथ उड़ान भरना इसी सहयोग और समन्वय को दर्शाता है।