केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
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महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां) संशोधन बिल के गिरने के बाद देश की राजनीति में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।
जयपुर में शेखावत ने कहा कि भारत के लिए यह दिन “काला दिन” के रूप में याद किया जाएगा। उनके अनुसार, महिला आरक्षण बिल को गिराने में कांग्रेस की भूमिका ने महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति उसके कथित रुख की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से देश की करोड़ों महिलाओं को उनके उचित प्रतिनिधित्व से वंचित किया गया है, जो एक तरह से उनका अपमान है।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण की अपेक्षा कर रहा था, तब कांग्रेस नेता ने गंभीर चर्चा के बजाय विषय से भटकने का प्रयास किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का रवैया उस छात्र जैसा रहा, जो उत्तर न होने पर उत्तर पुस्तिका में कुछ भी लिख देता है।
शेखावत ने आगे कहा कि यह समय देश के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेने का था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने अवसर खो दिया। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता और विशेषकर महिलाएं इस घटनाक्रम को ध्यान से देख रही हैं और इसका राजनीतिक असर भविष्य में देखने को मिलेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी को लेकर कांग्रेस का रुख अब सवालों के घेरे में है और इस घटना के बाद पार्टी के लिए महिलाओं का विश्वास दोबारा हासिल करना कठिन हो सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जिससे आने वाले समय में इस विषय पर और अधिक सियासी बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।