राजस्थान के समरावता गांव में हुई हिंसा और नरेश मीणा की गिरफ्तारी के विरोध में रविवार को जयपुर के चाकसू में सर्वसमाज की बैठक बुलाई गई। बैठक में तय किया गया है कि सोमवार को सर्वसमाज के लोग नरेश की रिहाई को गांव में हुई हिंसा की जांच की मांग को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे।
इधर देवली उनियारा से 2023 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके विजय बैंसला भी समरावता गांव पहुंचे और हिंसा प्रभावित परिवारों से मिले। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मतदान वाली रात को वहां पुलिसकर्मियों ने महिला और बच्चों के साथ भी मारपीट की। इसमें एक छोटे बच्चे के भी चोटें आईं।
उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में मतदान का बहिष्कार किया गया था। इस दौरान एसडीएम अमित चौधरी ने कुछ ग्राम वासियों को वोट डालने के लिए कहा। इसका विरोध करते हुए नरेश मीणा ने अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। आरोप लगाया गया कि एसडीएम गांवा वालों को धमकाकर वोट डालने का दबाव बना रहे थे। इस घटना के बाद देर रात पुलिस और नरेश मीणा समर्थकों के बीच देर रात समरावता में जोरदार झड़प हुई। हिंसा में 100 से ज्यादा कार, बाइक, जीपों में आग लगा दी गई। गुरुवार को नरेश ने गांव पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दे दी। पुलिस ने नरेश पर 10 गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानकारी के मुताबिक शनिवार रात को नरेश का मेडिकल करवाया गया।