मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर तीखा हमला बोला है। लोढ़ा ने कहा कि सचिन पायलट नाखून कटाकर शहीद होना चाहते हैं। ऐसा कर वह खुद को हंसी का पात्र बना रहे हैं। राजस्थान की जनता जानती है कि सही क्या है।
सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के आरोप गहलोत-पायलट खेमे में चल रहे सियासी झगड़े में कुछ नई बातें लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एडवाइजर संयम लोढ़ा का तर्क है कि पायलट ने अनियमित तरीके से बंगला आवंटन कराया। स्थापित नियमों का उल्लंघन किया। लोढ़ा ने यह मैसेज देने की कोशिश की है कि सचिन पायलट को विशेष व्यवहार या तरजीह दी गई, जो इस तरह के आवंटन को नियंत्रित करने वाले नियमों के खिलाफ है।
दिल्ली से फोन करवा कर पायलट ने पसंद का बंगला लिया
संयम लोढ़ा ने कहा कि सचिन पायलट राजस्थान विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे को हल करने में विफल रहे। यह दावा पायलट की भ्रष्टाचार से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता और एक विधायक के रूप में उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। विधानसभा में संवैधानिक पदों वाले व्यक्तियों के एंट्री-एक्जिट के लिए पीतल का गेट बना है। वहां से राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पदों वाले व्यक्तियों की एंट्री-एक्जिट होती है। डिप्टी सीएम बनते ही पायलट वहां से अपनी एंट्री के लिए अड़ गए। पायलट डिप्टी सीएम बनते ही सीएम के कार्यालय में अपने ऑफिस रूम की मांग करने लगे। इसकी जिद पकड़कर बैठ गए। कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में ही मेरा ऑफिस होगा। वह हो नहीं सकता था। उन्हें दूसरी जगह ऑफिस दिया गया। इस बात से भी वह रूठे हुए रहे। जब सचिन पायलट उप-मुख्यमंत्री पद से हट गए, तो उन्हें उप मुख्यमंत्री के रूप में दिया गया बंगला नियमानुसार एक महीने में खाली करना था। सचिन पायलट ने दिल्ली से फोन करवाया। सामान्य प्रशासन विभाग से उस बंगले को विभाग की सूची से निकलवाकर विधानसभा के पूल में डलवाया। आज तक पायलट उसी सरकारी बंगले का सुख भोग रहे हैं। लोढ़ा ने कहा कि जब पायलट उप-मुख्यमंत्री पद से हट गए, तो विधानसभा ने पायलट की सीट मेरी सीट के बगल में अलॉट की। तब भी उन्हें यह नागवार गुजरा। उन्होंने सीनियरिटी नहीं होने के बाद भी दिल्ली से फोन करवाकर पहली पंक्ति में सीट ली।
बीजेपी सरकार के घोटालों पर पायलट ने मेरा साथ क्यों नहीं दिया
लोढ़ा ने कहा बीजेपी सरकार के घोटालों की आज वह बात कर रहे हैं। पूरे पांच साल मैंने उन मुद्दों को उठाया। तब उन्होंने कभी भी इस बारे में हमारा साथ नहीं दिया। संयम लोढ़ा ने कहा अब अपना नाखून कटवाकर आप शहीद बनना चाह रहे हैं। यह राजस्थान है। राजस्थान की जनता सब अच्छे से समझती है। वह अपने आप को हंसी का पात्र न बनाएं। जिस पार्टी में हैं, उस पार्टी की मर्यादा और अनुशासन को बनाए रखें। पायलट बार-बार कहते हैं कि हम विधानसभा चुनाव पार्टी कैंडीडेट के खिलाफ लड़ लिए। लेकिन हम लड़े नहीं, हमें तो जनता ने खड़ा किया। हम लड लिए और जीत गए।
पायलट की जन संघर्ष यात्रा का नहीं कोई इफेक्ट
संयम लोढ़ा ने कहा सचिन पायलट की जन संघर्ष यात्रा का कोई इफेक्ट नजर नहीं आ रहा है। जो भीड़ आई, वह सब कार्यक्रम प्रायोजित रहा। लोकतंत्र में मना किसने किया है। वही घोड़े और वही मैदान है। सब चुनाव में सामने आ जाएगा।