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कर्तव्यनिष्ठा को सलाम: 35 साल तक सिपाही रहे, उसी पद पर सेवानिवृत्त; DGP ने खुद बुलाकर किया सम्मान

Wed, 01 Apr 2026 08:10 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: जयपुर में दो कांस्टेबल नंदकिशोर मीणा और कैलाश चंद ने पूरी सेवा एक ही पद पर रहकर पूरी की। सेवानिवृत्ति पर डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाकर सम्मानित किया, जिससे पुलिस महकमे में प्रेरणा और गर्व का माहौल बना।
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पुलिस महानिदेशक द्वारा सेवानिवृत्त कांस्टेबल का सम्मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस सेवा में समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए जयपुर पुलिस आयुक्तालय के दो कांस्टेबलों ने अपनी पूरी नौकरी एक ही पद पर रहकर पूरी की और उसी पद से सेवानिवृत्त हुए। यह अवसर भावुक और प्रेरणादायक बन गया, जब राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने दोनों को स्वयं बुलाकर सम्मानित किया।

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सेवानिवृत्त होने वाले कांस्टेबल नंदकिशोर मीणा (बैज संख्या 4874) और कैलाश चंद (बैज संख्या 5132) ने अपने पूरे सेवा काल में बिना पदोन्नति के, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन किया। आमतौर पर ऐसे मौकों पर औपचारिक विदाई होती है, लेकिन इस बार पुलिस मुख्यालय में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला।

डीजीपी शर्मा ने अवकाश के बावजूद इन दोनों जवानों को अपने कक्ष में आमंत्रित किया और विभाग की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस पहल को पुलिस महकमे में एक नई परंपरा के रूप में देखा जा रहा है, जो अधीनस्थ कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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इस दौरान डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे। सभी ने दोनों कांस्टेबलों के समर्पण और सेवाभाव की सराहना की। अधिकारियों का कहना था कि इस तरह का सम्मान न केवल संबंधित कर्मचारियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
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महकमे के अन्य कर्मचारियों ने भी डीजीपी की इस पहल की खुले दिल से सराहना की। उनका कहना है कि जब संगठन का शीर्ष नेतृत्व अपने अधीनस्थों के योगदान को इस तरह पहचानता है, तो इससे पूरे विभाग का मनोबल बढ़ता है और कार्य के प्रति निष्ठा और भी मजबूत होती है।

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