कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पायलट ने कहा कि प्रदेश में लगातार स्कूलों की जर्जर इमारतों और छतों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। मानसून के दौरान कई जगह छतें गिरने से बच्चों की जान तक जा चुकी है, लेकिन सरकार स्कूलों की व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय कमियां छिपाने में लगी हुई है।
स्कूलों में मीडिया एंट्री पर रोक को लेकर घेरा
पायलट ने स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री, फोटो-वीडियो और रिकॉर्डिंग पर रोक से जुड़े हालिया आदेश को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर स्कूलों की व्यवस्था सही है तो फोटो खींचने या पत्रकारों के जाने पर रोक लगाने की जरूरत क्या है? सरकार को आदेश जारी कर वास्तविक स्थिति छिपाने के बजाय स्कूलों की छतें, भवन, पेयजल व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
हाईकोर्ट के निर्देशों का भी दिया हवाला
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट भी सरकार को स्कूलों की स्थिति सुधारने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर निर्देश दे चुका है। विपक्ष लगातार इन मुद्दों को उठा रहा है और जनता भी सवाल कर रही है। पायलट के मुताबिक सरकार की प्राथमिकता कक्षा-कक्ष, स्कूल परिसर, पेयजल और बच्चों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि कमियों को सामने आने से रोकना।
UCC पर भी भाजपा सरकार से पूछा सवाल
UCC को लेकर भी पायलट ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा सरकार समान नागरिक संहिता लागू करना चाहती है तो इसे पूरे देश में क्यों नहीं लागू करती? पायलट ने कहा कि देश में अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। राजस्थान में भी विभिन्न समाजों की अलग सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में किसी एक सोच या व्यवस्था को थोपने के बजाय सभी पक्षों से संवाद होना चाहिए।
बुनियादी समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप
पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के बजाय ऐसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है, जिनसे राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में मोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि नौजवान और बच्चे देश की पूंजी हैं। उनके लिए बेहतर स्कूल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
विधानसभा में सरकार से जवाब मांगेंगे
उन्होंने विधानसभा में भी सरकार से इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की और कहा कि विपक्ष सार्थक चर्चा और संवाद चाहता है, लेकिन सरकार का रवैया अड़ियल है। पायलट ने कहा कि जनता सब देख रही है और सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी पड़ेगी।