कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को झारखंड महादेव जी की पूजा-अर्चना की। फिर मीडिया से बातचीत में एक बार फिर नाम लिए बगैर ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार हुआ है। हम सब भाजपा के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हैं। मैने कुछ गलत नहीं किया। राजस्थान में भी भाजपा सरकार के समय तरह-तरह के माफिया पनपे थे। उसके खिलाफ ही मेरा अनशन था। दो हफ्ते हो गए, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। वसुंधरा राजे सरकार में 2013 से 2018 के बीच जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसे लेकर हम जनता के बीच गए थे। अब चुनाव में कम समय बचा है। अभी तक जो कार्रवाई नहीं हुई, वह होनी चाहिए। गिरफ्तार हुए आरपीएससी सदस्यों की जांच होनी चाहिए कि यह आरपीएससी सदस्य कैसे बना? किसकी सिफारिश से बनाया?
पायलट ने भाजपा नेत्री वसुंधरा राजे के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी मिलीभगत का आरोप नहीं लगाया। फिर यह नींबू और दूध की बात क्यों हो रही है? भाजपा सरकार के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उसका मैंने विरोध किया। यह कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कैसे हो सकता है? मुद्दा भ्रष्टाचार का है। राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा संजीदा व्यक्ति हैं। सबकी रिपोर्ट ले रहे हैं। सही-गलत का निर्णय होना चाहिए। यह बात सच है कि 25 सितंबर को जो घटना हुई थी वह सोनिया गांधी के आदेशों की खुली अवहेलना थी। हमारे कांग्रेस अध्य7 मल्लिकार्जुन खरगे साहब और माकन साहब की खुलेआम बेइज्जती की गई है। अभी तक उस पर कारवाई क्यों नहीं हुई? यह सवाल है, इसका जवाब पार्टी के पास है।
दो हफ्ते बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
पायलट ने रविवार को सवाल पूछा कि हमने पटवारियों पर छापे मारने के लिए वोट नहीं मांगे थे। अनशन के दो सप्ताह बाद भी सरकार ने कार्रवाई नहीं की है। यह अनशन पार्टी के हित में था। दरअसल, पायलट ने अनशन में जो मुद्दे उठाए थे, उस पर मुख्यमंत्री गहलोत ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार पर जितनी कार्रवाई राजस्थान में हुई, उतनी कहीं नहीं हुई।
कमलनाथ-वेणुगोपाल को सच्चाई बताई
पायलट ने कहा कि हमने कमलनाथ और वेणुगोपाल से बातचीत के दौरान अपना पक्ष रखा। उन्हें सच्चाई बताई। बैकग्राउंड बताया। भविष्य में क्या चाहते हैं, किस दिशा में हमारी पार्टी को जाकर जीत मिल सकती है, उसके बारे में बताया। सुझाव एक ही है कि हमने जो कहा, वह करके दिखाना चाहिए। हम भाजपा का धुआं निकालने की क्षमता रखते हैं। वह यह इस भ्रम न फैला दें कि यहां किसी तरह की सांठगांठ है।
महेश जोशी मामले की जांच हो
हाल ही में रामप्रसाद ने मंत्री महेश जोशी पर आरोप लगाकर जान दे दी थी। इस पर पायलट ने कहा कि मौत से पहले दिया गया बयान कोर्ट में मान्य होता है। जांच तो होनी चाहिए। हर व्यक्ति के नैतिकता का पैमाना अलग-अलग होता है। कोई इस्तीफा देता है, कोई नहीं देता है। इस्तीफा लेते हैं, नहीं लेते हैं, यह मेरा सब्जेक्ट नहीं है, लेकिन जांच होनी चाहिए। दोषी को सजा मिलनी चाहिए।