मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कांग्रेस हाईकमान की रायशुमारी के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव के लिए सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मौजूदा समय में जिन मंत्रियों के खिलाफ शिकायतें हैं, जिनकी परफॉर्मेंस खराब है, जो विवादित मंत्री हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
छह से ज्यादा मंत्रियों को किया जा सकता है बाहर, कैबिनेट मंत्री महेश जोशी टॉप टारगेट
सूत्रों के मुताबिक ऐसे आधा दर्जन मंत्री हैं, जिनकी छुट्टी कर मंत्रिपरिषद से बाहर किया जा सकता है। इसमें टॉप नाम कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी का है। जयपुर में रामप्रसाद मीणा सुसाइड केस में मृतक ने वीडियो में पीएचईडी मंत्री डॉ. महेश जोशी पर भी टॉर्चर और परेशान करने का आरोप लगाया, जिससे बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया और बीजेपी नेताओं ने पूरा पॉलिटिकल माइलेज ले लिया। जयपुर में आदिवासी मीणा समाज के युवक के सुसाइड केस से कांग्रेस सरकार और प्रशासन के खिलाफ माहौल भी बना है, जिसका नुकसान पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ सकता है। पूर्वी राजस्थान में मीणा बाहुल्य इलाकों में भी इसका बड़ा नुकसान माना जा रहा है। महेश जोशी से पुलिस भी पूछताछ और तफ्तीश करेगी। प्रशासन से सहमति में भी यह बात तय हुई है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान तक यह मामला पहुंचा है और आदिवासी युवक की आत्महत्या पर पार्टी हाईकमान ने गहरी नाराजगी जताई है। महेश जोशी पर पहले ही 25 सितंबर 2022 को पैरलल विधायक दल की बैठक मामले में अनुशासनहीनता के आरोप लग चुके हैं। महेश जोशी के बेटे पर भी दुष्कर्म का केस पिछले दिनों दर्ज हुआ था।
राजेन्द्र गुढ़ा ने कांग्रेस हाईकमान को दी सीधी चुनौती, सीएम को किया टारगेट
बसपा से कांग्रेस में जिस विधायक राजेन्द्र गुढ़ा को गहलोत लेकर आए और सैनिक कल्याण राज्य मंत्री बनाया। वहीं, राजेंद्र गुढ़ा लगातार सीएम अशोक गहलोत को अपने बयानों से टारगेट कर रहे हैं। खुदके खिलाफ मारपीट के एक मामले में एफआईआर पर उन्होंने सीएम अशोक गहलोत पर टारगेट करके आरोप लगाए। उन्होंने खेतड़ी की एक सभा में हाल ही सचिन पायलट पर कार्रवाई करके दिखाने की चुनौती देते हुए कांग्रेस हाईकमान को छठी का दूध याद दिलाने की बात कह दी, जिससे बड़ी अनुशासनहीनता कांग्रेस में कुछ हो नहीं सकती।
कई मंत्रियों की परफॉर्मेंस के आधार पर छुट्टी संभव
परफॉर्मेंस के आधार पर उच्च शिक्षा और गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, पीडब्ल्यूडी मंत्री भजन लाल जाटव, श्रम राज्य मंत्री सुखराम बिश्नोई, कृषि विपणन राज्य मंत्री मुरारीलाल मीणा, परिवहन राज्य मंत्री बृजेन्द्र ओला की छुट्टी हो सकती है।
एक-दो उप मुख्यमंत्री, दो कार्यकारी अध्यक्ष का भी फॉर्मूला
सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जो एक्सरसाइज हाई लेवल पर चल रही है, उसमें सरकार और संगठन कुछ अहम बदलाव किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में एक या दो उपमुख्यमंत्री और दो पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। इसमें ब्राह्मण, राजपूत, महिला, आदिवासी और दलित चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। जो मजबूत और बड़े चेहरे हैं, उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी जहां खुद को चुनाव में कमजोर स्थिति में देख रही है, वहां से भी संगठन में नेतृत्व दिया जा सकता है। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान का इसमें खासतौर पर ख्याल रखने की बात सामने आ रही है।
प्रभारी और सह प्रभारियों से भी लिया जा रहा फीडबैक
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ तीन नए सह प्रभारी सचिव भी AICC ने अटैच किए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले स्ट्रेटजी और संगठन में बदलाव के लिए इन तीनों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। प्रदेश में सात महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं। गहलोत सरकार अपनी उपलब्धियां और कामों को लेकर जनता के बीच जाएगी, लेकिन कई मंत्री सरकार को लगातार घेर रहे हैं या सरकार के सामने संकट खड़ा कर रहे हैं। इमेज संकट और गलत नैरेटिव से उबरने की तैयारियां चल रही हैं।