राजस्थान की दूसरे चरण की 13 सीटों पर अब मतदान पूरा हो गया है। निर्वाचन विभाग की ओर से शाम 5:30 बजे वोटिंग के आंकड़े जारी किए जा चुके हैं। इनमें राजस्थान में कुल 59.19 प्रतिशत की पोलिंग हो चुकी है। वोटिंग के ये आंकड़े शाम पांच बजे तक के हैं। इसलिए अभी इसमें इजाफा होना है। आखिरी घंटे में करीब 7 से 8 प्रतिशत की वोटिंग और होने की संभावना है।
इसके बावजूद पिछले 2019 के लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण से इस बार की तुलना की जाए तो वोटिंग में बढ़त देखने को नहीं मिल रही। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में इन 13 सीटों पर 68.17 प्रतिशत तक मतदान हुआ था। इनमें सबसे ज्यादा वोटिंग बाड़मेर, दूसरे नंबर पर बांसवाड़ा और तीसरे नंबर पर चित्तौड़गढ़ रहे। बाड़मेर में 73.13 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 72.78 प्रतिशत और चित्तौड़गढ़ में 72.17 प्रतिशत की वोटिंग हुई।
बाड़मेर इस बार भी टॉप पर
बाड़मेर में पिछले लोकसभा चुनावों में 73.13 प्रतिशत की वोटिंग हुई। इस बार निर्वाचन विभाग की ओर से शाम साढ़े 5 बजे जारी मतप्रतिशत के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में 69.79 प्रतिशत की वोटिंग हो चुकी है। यानी इस बार यहां पिछले चुनावों की तुलना में ज्यादा वोट पढ़ सकते हैं। इसकी वजह यहां त्रिकोणीय मुकाबला भी है।
बांसवाड़ा में भी मतदाताओं में उत्साह
बाड़मेर के बाद बांसवाड़ा में भी वोटिंग को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां पिछले लोकसभा चुनावों में 72.78% की पोलिंग हुई थी। इस बार भी यह मतदान पूरा होने से एक घंटा पहले 68.71 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस हिसाब से यहां पिछले चुनावों की वोटिंग का रिकॉर्ड टूटता नजर आ रहा है।
चित्तौड़गढ़ में कम वोट से किसे नुकसान
इस बार अब तक जो मतदान हुआ है, उसमें चित्तौड़गढ़ में शाम साढ़े पांच बजे तक 61.81 प्रतिशत तक ही वोटिंग हुई है। आखिरी घंटे में औसतन 7 से 8 प्रतिशत तक की वोटिंग देखी जाती है। यदि यही ट्रेंड इस बार भी रहा तो चित्तौड़गढ़ की सीट पर पिछले चुनावों की तुलना में कम वोटिंग देखने को मिल सकती है। चित्तौड़गढ़ को इस बार BJP के लिए टफ सीट माना जा रहा है। यहां राजपूत वोटरों की नारजागी का बड़ा फैक्टर है।
जोधपुर में भी मतदान की रफ्तार धीमी
जोधपुर में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। पिछले लोकसभा चुनावों में यहां 68.41% की पोलिंग हुई थी। वहीं इस बार शाम साढ़े पांच बजे तक 58.35% की पोलिंग हुई है। यहां से BJP के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत चुनाव लड़ रहे हैं। ये सीट भी इस बार फंसी हुई है।
राजसमंद में भी कम रह सकती है पोलिंग
राजसमंद की भी यही स्थिति है। यहां पिछले लोकसभा चुनवों में 64.63 प्रतिशत का मतदान हुआ था, लेकिन इस बार यहां शाम 5 बजे तक 52.17 प्रतिशत ही वोटिंग हुई है। यानी पिछले चुनावों की तुलना में इस बार यहां भी वोटिंग कम रह सकती है।
2019 और 2024 का मतदान प्रतिशत
| सीट |
2019 |
2024 |
| टोंक-सवाई माधोपुर |
63.21% |
51.92% |
| अजमेर |
67.11% |
52.38% |
| पाली |
62.37% |
51.75% |
| जोधपुर |
68.41% |
58.35% |
| बाड़मेर |
73.13% |
69.79% |
| जालोर |
65.71% |
57.75% |
| उदयपुर |
69.99% |
59.54% |
| बांसवाड़ा |
72.78% |
68.71% |
| चित्तौड़गढ़ |
72.17% |
61.81% |
| राजसमंद |
64.63% |
52.17% |
| भीलवाड़ा |
65.50% |
54.67% |
| कोटा |
71.94% |
65.38% |
| झालावाड़-बारां |
68.17% |
65.23% |