राजस्थान में पहले चरण के लिए 12 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। इन सीटों के लिए नामाकंन के साथ-साथ नाम वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। प्रत्याशियों के द्वारा जमा किए गए शपथ पत्रों के आधार पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने एक रिपोर्ट जारी की है। उम्मीदवारों के शपथ पत्र में उनकी संपत्ति, शिक्षा, क्राइम हिस्ट्री के साथ-साथ अन्य सभी बातों का जिक्र किया गया है।
राजस्थान में पहले चरण में 12 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। इन 12 सीटों के लिए पहले चरण में कुल 114 उम्मीदवार मैदान में हैं। एडीआर ने इनमें से 113 उम्मीदवारों के शपथ पत्र का विश्लेषण किया है। एडीआर ने उम्मीदवारों की संपत्ति, शिक्षा, उम्र और आपराधिक मुकदमों का विश्लेषण किया है।
10 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, सात पर गंभीर
ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 113 में से 11 उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे हैं। इनमें से सात पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। भाजपा के 12 में से सिर्फ एक उम्मीदवार पर आपराधिक मुकदमा दर्ज है। वहीं, कांग्रेस के दस में से तीन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामला दर्ज है। कांग्रेस और आरएलपी के एक-एक उम्मीदवार पर गंभीर मामला दर्ज है। जयपुर ग्रामीण से कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा पर आठ मामले दर्ज हैं।
ज्योति मिर्धा के पास सबसे अधिक 102 करोड़ की संपत्ति
113 उम्मीदवारों में 37 उम्मीदवार करोड़पति हैं। उम्मीदवारों की औसत संपत्ति दो करोड़ 81 लाख है। भाजपा के 12 में से आठ उम्मीदवार और कांग्रेस के 10 में से आठ उम्मीदवार करोड़पति हैं। नागौर से भाजपा उम्मीदवार ज्योति मिर्धा प्रदेश में सबसे अधिक संपत्ति वाली उम्मीदवार हैं। उनके पास 102 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनके खिलाफ चुनाव मैदान में डटे आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल सिर्फ 81 लाख के मालिक हैं।
कांग्रेस के उम्मीदवारों में सबसे अधिक संपत्ति बृजेंद्र ओला के पास है। उनकी कुल संपत्ति 16 करोड़ है। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवारों में सबसे कम संपत्ति संजना जाटव की है। उनकी चल और अचल संपत्ति 23 लाख रुपये है। भाजपा उम्मीदवारों में सबसे कम संपत्ति इंदू देवी जाटव के पास है। उनकी कुल संपत्ति 28 लाख रुपये की है।
भाजपा के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 14 करोड़ है। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सात करोड़ रुपये है। वहीं, बसपा उम्मीदवारों की औसत संपत्ति एक करोड़ रुपये है।