गैस संकट, कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से चाय की दुकानों पर बढ़ी कीमतों के पोस्टर लगे
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जयपुर में कमर्शियल गैस सिलिंडर संकट और बढ़ती कीमतों का असर अब साफ तौर पर आम जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। खासकर चाय और कॉफी की छोटी दुकानों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। शहर के कई इलाकों में चाय-कॉफी के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, वहीं छोटे दुकानदारों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार शहर में करीब 60 प्रतिशत से अधिक चाय विक्रेताओं ने चाय-कॉफी की कीमतों में वृद्धि कर दी है, जिससे 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 12 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं 20 रुपये की कॉफी 25 रुपये में बिक रही है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर महंगे कमर्शियल गैस सिलिंडर और उसकी अनियमित सप्लाई से जुड़ी हुई है।
22 गोदाम क्षेत्र में चाय की दुकान चलाने वाले तारा सिंह बताते हैं कि बढ़ती लागत के चलते उन्हें मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ीं। उन्होंने अपनी दुकान के बाहर एक नोटिस भी लगाया है, जिसमें साफ लिखा है कि गैस की कीमतों और सप्लाई संकट के कारण चाय-कॉफी महंगी की गई है। तारा सिंह के मुताबिक कीमत बढ़ने के बाद उनके ग्राहकों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक कमी आई है।
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ग्राहकों का भी कहना है कि महंगाई का असर अब रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजों पर दिखने लगा है। हालांकि कई ग्राहक दुकानदारों की मजबूरी को समझते हैं लेकिन लगातार बढ़ती कीमतें आम आदमी के बजट को बिगाड़ रही हैं। स्थिति यह भी है कि कुछ दुकानदारों को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा, जिसके कारण उन्हें अस्थायी रूप से दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। इससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है और रोज कमाने-खाने वाले लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण कमर्शियल गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है, जो पहले ही सीमित मुनाफे पर काम करते हैं। कुल मिलाकर कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतें और सप्लाई संकट ने जयपुर के छोटे दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं दोनों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। आने वाले समय में यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो महंगाई का यह असर और भी गहरा सकता है।