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आरक्षण की लॉटरी से चुनावी हलचल तेज: कोटा में OBC महिला, सीकर अनारक्षित और अलवर में SC महिलाओं को मिलेगा मौका

Thu, 13 Aug 2026 02:12 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के निकाय चुनाव में इस बार कई सीटों पर नए चेहरों के लिए रास्ता खुला है। आरक्षण लॉटरी में कोटा महापौर पद OBC महिला के खाते में गया है, जबकि झालावाड़ में सभापति पद OBC ओपन, अलवर की बड़ौदामेव, कठूमर और रामगढ़ सीट SC महिला के लिए आरक्षित हुई है।
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आरक्षण की लॉटरी के बाद हलचल बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर आरक्षण की लॉटरी के बाद कई निकायों की तस्वीर साफ हो गई है। कोटा नगर निगम के महापौर पद को अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं नई बनी सुल्तानपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद एससी ओपन और सुकेत नगर पालिका में ओबीसी ओपन रखा गया है। नए परिसीमन के बाद कोटा में पहली बार बदले हुए स्वरूप में चुनाव होंगे।

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कोटा में 150 से घटकर 100 हुए वार्ड
दिसंबर 2025 में कार्यकाल पूरा होने के बाद कोटा नगर निगम नए परिसीमन के साथ चुनावी मैदान में उतर रहा है। पहले कोटा उत्तर के 70 और कोटा दक्षिण के 80 वार्डों को मिलाकर कुल 150 पार्षद चुने जाते थे। नए परिसीमन में वार्डों की संख्या घटाकर 100 कर दी गई है। यानी 50 पार्षद पद कम हो गए हैं। इससे प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

कोटा जिले में 15.29 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिले में कुल 2,559 जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है। छह नगरीय निकायों के 260 वार्डों के लिए 884 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अकेले कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 721 मतदान केंद्र शामिल हैं। जिले की रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, इटावा और सुल्तानपुर नगर पालिकाओं में कुल 160 वार्ड पार्षद चुने जाएंगे।
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चेचट और सुल्तानपुर में पहली बार चुनाव
नवगठित पंचायत समिति चेचट और नई नगर पालिका सुल्तानपुर में पहली बार स्थानीय निकाय स्तर पर मतदान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, 25 जिला परिषद सदस्य, छह प्रधान, छह उप प्रधान, 118 पंचायत समिति सदस्य, 210 सरपंच, 210 उप सरपंच और 1,946 वार्ड पंच चुने जाएंगे।

लाडपुरा, सुल्तानपुर, खैराबाद, सांगोद, इटावा और चेचट की छह पंचायत समितियों की 210 ग्राम पंचायतों में 717 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 160 मतदान केंद्र इटावा पंचायत समिति क्षेत्र में होंगे।

झालावाड़ में सभापति पद ओबीसी के लिए आरक्षित
झालावाड़ नगर परिषद के सभापति का पद ओबीसी ओपन के लिए आरक्षित हुआ है। नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं। पिछली बार सभापति पद सामान्य पुरुष वर्ग के लिए आरक्षित था। झालावाड़ जिले में ग्राम पंचायत से क्रमोन्नत होकर बनीं खानपुर, डग और मनोहरथाना नगर पालिकाओं में पहली बार चेयरमैन पद के चुनाव होंगे। झालावाड़ नगर परिषद में वर्ष 2021 से 2026 तक भाजपा का बोर्ड रहा। बोर्ड का कार्यकाल 6 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया, जिसके बाद यहां प्रशासक कार्यरत है। पिछले कार्यकाल में तीन निर्दलीय पार्षद भी चुनाव जीते थे।



सभापति पद को लेकर विवादों में रहा झालावाड़
झालावाड़ नगर परिषद का पिछला कार्यकाल सभापति पद को लेकर चर्चा में रहा था। भाजपा के संजय शुक्ला सभापति बने थे। बाद में जमीन विवाद से जुड़े मामले के चलते उपसभापति को जिम्मेदारी सौंपी गई। कानूनी राहत मिलने के बाद संजय शुक्ला ने फिर सभापति पद संभाला लेकिन रिश्वत के मामले में दोबारा फंसने के बाद उपसभापति प्रदीप राजावत ने कार्यवाहक सभापति के रूप में कार्यभार संभाला।



अलवर में तीन सीटें एससी महिला के लिए आरक्षित
अलवर जिले में बड़ौदामेव, कठूमर और रामगढ़ नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं मालाखेड़ा नगर पालिका का चेयरमैन पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। अलवर जिले में अलवर नगर निगम के अलावा कठूमर, खेड़ली, गोविंदगढ़, थानागाजी, नौगांव, बड़ौदामेव, बहादुरपुर, मालाखेड़ा, राजगढ़, रामगढ़ और नवगठित लक्ष्मणगढ़ समेत कुल 12 नगर निकाय शामिल हैं।

अलवर नगर निगम के पिछले 26 वर्षों के इतिहास में वर्ष 2000 और 2009 में अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए रहा। वर्ष 2005 और 2014 में पद सामान्य वर्ग के लिए खुला था, जबकि 2019 में सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। पिछले कार्यकाल में ही अलवर नगर परिषद को नगर निगम में क्रमोन्नत किया गया था।

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अजमेर संभाग में कुल 10 निकायों को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबाड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण शामिल हैं। इनमें तीन सीटें ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। जायल, लाडनूं और नावां में महिला ओबीसी वर्ग को आरक्षण मिला है।

अजमेर संभाग की लॉटरी में अन्य आरक्षण इस प्रकार रहे:



बीकानेर में 7 सीटें ओबीसी के लिए
बीकानेर संभाग में कुल 37 निकाय हैं। इनमें 7 सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। ये सीटें हैं:
  • लूणकरणसर
  • सुजानगढ़
  • खाजूवाला
  • केसरीसिंहपुर
  • सरदारशहर
  • राजगढ़ (चूरू)
  • नोखा
इनमें सरदारशहर और केसरीसिंहपुर ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

जयपुर संभाग में ओबीसी की 19 सीटें

जयपुर संभाग में ओबीसी वर्ग के लिए कुल 19 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें छह सीटें ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
  • अजीतगढ़
  • विराटनगर
  • विद्या विहार (पिलानी)
  • मलसीसर
  • नीमराना
  • बहादुरपुर
  • बांदीकुई
  • नौगांव
  • भिवाड़ी
  • श्रीमाधोपुर
  • खेतड़ी
  • राजगढ़ (अलवर)
  • चिड़ावा
  • दौसा
  • खाटूश्यामजी
  • पलसाना
  • दातारामगढ़
  • मुंडावर
  • डूंडलोद
आरक्षण की लॉटरी के बाद अब अलग-अलग निकायों में राजनीतिक दलों के सामने नए समीकरण के अनुसार उम्मीदवारों का चयन सबसे बड़ी चुनौती होगी। खासतौर पर ओबीसी महिला, एससी महिला और अनारक्षित सीटों पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।

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