राजस्थान में बीते 48 घंटों से सक्रिय हुए तंत्र से कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने करौली, धौलपुर और भरतपुर में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताते हुए वहां रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
मध्यप्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते राजस्थान में भारी बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियां और नाले ऊफान पर हैं जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश जनित हादसों में लोगों की मौतें हो रही हैं। सोमवार को जयपुर में 4 इंच तक बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जबरदस्त जल भराव हो गया। शाम साढ़े पांच बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर करीब 3 घंटे तक जारी रहा। इस दौरान सड़कों पर जल भराव के चलते लोगों के वाहन पानी में डूब गए। यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। सीकर रोड पर करोड़ों रुपए खर्च कर जिस नए ड्रेनेज सिस्टम को लगाने का दावा किया गया था वह भी पूरी तरह फेल हो गया।
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वहीं मौसम विभाग ने 30 व 31 जुलाई को भी जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। आईएमडी ने आज प्रदेश के 27 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इसमें भरतपुर, धौलपुर और करौली में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि तेज बारिश के दौर से 1 अगस्त के बाद ही राहत मिल सकती है।
इधर सोमवार को कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, पाली, झालावाड़, जयपुर सहित कई जिलों मूसलाधार बारिश हुई। यहां बाढ़ जैसे हालात दिखाई दिए। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत भी हो गई। वहीं लगातार बरसात से नदियां ?ऊफान पर हैं। चंबल, कालीसिंध, बनास नदी पर बने बांधों के गेट खोल दिए हैं। प्रदेश के 23 बड़े बांधों में से 7 बांधों पर चादर चल चुकी है। वहीं 226 छोटे और मध्यम आकार के बांध भी ओवरफ्लो हो चुके हैं। सिरोही के केराल गांव में प्राइवेट स्कूल की बस केराल नदी की रपट पर फंस गई। बस में 35 बच्चे सवार थे। चित्तौड़गढ़ में बेड़च नदी की पुलिया पार करते समय बाइक सवार दो युवक बह गए। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में डूबने से नाबालिग लड़की की मौत हो गई। वहीं इलाज के अभाव में बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। टोंक में मोती सागर बांध की पाल से गिरने से युवक की मौत हो गई।