फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RBSE 12th Result: वाणिज्य संकाय में सात जिलों का परिणाम रहा 100 प्रतिशत, जानिए कौन-सा जिला सबसे पीछे रहा?

Tue, 31 Mar 2026 08:10 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं के नतीजों में नवगठित जिलों ने बाजी मारी है। कला में राजसमंद (98.70%), विज्ञान में डीडवाना (99.43%) शीर्ष पर रहे। वाणिज्य में 7 जिलों ने 100% परिणाम देकर शानदार प्रदर्शन किया है। 
विज्ञापन
वाणिज्य संकाय में सात जिलों का परिणाम रहा 100 प्रतिशत - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के नतीजे इस बार काफी उत्साहजनक रहे। तीनों संकायों में जिलों के बीच जबरदस्त होड़ देखी गई और नवगठित जिले शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-10 में शामिल हुए। 
विज्ञापन


कला संकाय में राजसमंद का जलवा
कला संकाय में राजसमंद जिला 98.70 फीसदी के साथ सबसे आगे निकला। उसके पीछे चित्तौड़गढ़ ने 98.61% और डीडवाना-कुचामन ने 98.58% अंक प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया। सिरोही, पाली, फलोदी, जालोर, नागौर, कोटपुतली-बहरोड़ और ब्यावर भी टॉप-10 की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे। वहीं धौलपुर 95.36% के साथ इस संकाय में सबसे पिछड़ा जिला रहा।

विज्ञापन


विज्ञान में डीडवाना ने सबको पछाड़ा
विज्ञान संकाय में डीडवाना ने 99.43 प्रतिशत के साथ पहली पोजीशन हासिल की। बाड़मेर 99.08% लेकर दूसरे और जोधपुर 98.94% के साथ तीसरे पायदान पर रहा। राजसमंद, सीकर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, सिरोही, डूंगरपुर और नागौर ने भी शीर्ष दस में अपनी जगह पक्की की। खैरथल-तिजारा इस संकाय में 89.80% के साथ सबसे निचले पायदान पर रहा।
विज्ञापन


वाणिज्य में सात जिलों ने रचा इतिहास
वाणिज्य संकाय में इस बार सबसे चौंकाने वाला नतीजा सामने आया। बांसवाड़ा, दौसा, करौली, बलोतरा, डीग, कोटपुतली और सालुम्बर — इन सात जिलों ने एक साथ शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। सिरोही 99.69%, हनुमानगढ़ 99.59% और टोंक 99.52% के साथ टॉप-10 में शामिल रहे। हालांकि कोटा इस संकाय में महज 76.13 प्रतिशत के साथ सबसे निचले स्थान पर रहा, जो चिंता का विषय है।

ये भी पढ़ें-  RBSE 12th Result: डीडवाना की दीपिका राकावत विज्ञान संकाय में आईं अव्वल, 99.80% अंक हासिल कर रचा इतिहास


कुल मिलाकर इस बार के नतीजों ने यह साबित कर दिया कि छोटे और नवगठित जिले भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े जिलों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें