राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के नतीजे इस बार काफी उत्साहजनक रहे। तीनों संकायों में जिलों के बीच जबरदस्त होड़ देखी गई और नवगठित जिले शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-10 में शामिल हुए।
कला संकाय में राजसमंद का जलवा
कला संकाय में राजसमंद जिला 98.70 फीसदी के साथ सबसे आगे निकला। उसके पीछे चित्तौड़गढ़ ने 98.61% और डीडवाना-कुचामन ने 98.58% अंक प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया। सिरोही, पाली, फलोदी, जालोर, नागौर, कोटपुतली-बहरोड़ और ब्यावर भी टॉप-10 की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे। वहीं धौलपुर 95.36% के साथ इस संकाय में सबसे पिछड़ा जिला रहा।
विज्ञान में डीडवाना ने सबको पछाड़ा
विज्ञान संकाय में डीडवाना ने 99.43 प्रतिशत के साथ पहली पोजीशन हासिल की। बाड़मेर 99.08% लेकर दूसरे और जोधपुर 98.94% के साथ तीसरे पायदान पर रहा। राजसमंद, सीकर, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, सिरोही, डूंगरपुर और नागौर ने भी शीर्ष दस में अपनी जगह पक्की की। खैरथल-तिजारा इस संकाय में 89.80% के साथ सबसे निचले पायदान पर रहा।
वाणिज्य में सात जिलों ने रचा इतिहास
वाणिज्य संकाय में इस बार सबसे चौंकाने वाला नतीजा सामने आया। बांसवाड़ा, दौसा, करौली, बलोतरा, डीग, कोटपुतली और सालुम्बर — इन सात जिलों ने एक साथ शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। सिरोही 99.69%, हनुमानगढ़ 99.59% और टोंक 99.52% के साथ टॉप-10 में शामिल रहे। हालांकि कोटा इस संकाय में महज 76.13 प्रतिशत के साथ सबसे निचले स्थान पर रहा, जो चिंता का विषय है।
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कुल मिलाकर इस बार के नतीजों ने यह साबित कर दिया कि छोटे और नवगठित जिले भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े जिलों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।