आपसी आरोप-प्रत्यारोपों के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को भेजे गए लीगल नोटिस पर राठौड़ ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला से बातचीत के दौरान राठौड़ ने स्वीकार किया कि उन्हें नोटिस प्राप्त हो चुका है लेकिन फिलहाल यह तय नहीं किया गया है कि उसका जवाब दिया जाएगा या नहीं।
मदन राठौड़ ने कहा कि नोटिस मिला है, अब देखेंगे कि उसका जवाब देना भी है या नहीं। बातचीत के दौरान जब उनसे यह पूछा गया कि हनुमान बेनीवाल स्वयं को सांसद होने के नाते विशेषाधिकार प्राप्त जनप्रतिनिधि बताते हुए मामले को संसदीय समिति तक ले जाने की बात कर रहे हैं, तब राठौड़ ने सीधे जवाब देने के बजाय उल्टा सवाल पूछ लिया।
उन्होंने कहा कि मैं आपसे एक सवाल करना चाहता हूं। क्या आप इस राजनीति को पसंद करते हैं? क्या हनुमान बेनीवाल जिस तरीके की राजनीति कर रहे हैं, उसे आप पसंद करते हैं? इस पर पत्रकार ने स्पष्ट किया कि मीडिया दोनों पक्षों की बयानबाजी को समान रूप से सामने रख रहा है और भाजपा तथा आरएलपी नेताओं के बयानों को प्रकाशित किया जा रहा है।
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पत्रकार के इस जवाब के बाद राठौड़ नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई बयानबाजी नहीं की जा रही है और इसके बाद उन्होंने इंटरव्यू बीच में ही समाप्त कर दिया।
गौरतलब है कि 27 मई को हनुमान बेनीवाल भैराणा धाम पहुंचे थे, जहां हजारों समर्थकों की मौजूदगी में उन्होंने संतों की मांगों के समर्थन में सरकार से समाधान की अपील की थी। इस दौरान दिए गए उनके भाषण के कुछ शब्दों और टिप्पणियों पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई थी।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वीडियो संदेश जारी कर बेनीवाल के बयान की आलोचना की। इसके बाद भाजपा के कई नेताओं और प्रवक्ताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जवाब में आरएलपी और बेनीवाल की ओर से भी तीखी बयानबाजी हुई।
इसी क्रम में बेनीवाल ने मदन राठौड़ के सामाजिक बहिष्कार से जुड़े कथित बयान को आधार बनाते हुए उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। अब दोनों पक्षों के बीच यह राजनीतिक और कानूनी विवाद लगातार गहराता दिखाई दे रहा है।