राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और अग्रिम संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा-मेरे दोनों पैरों के अंगूठे फैक्चर हैं। इस पर प्रभारी रंधावा बोले-1971 के भारत-पाक युद्ध में कर्नल एनएस संधू ने जिस तरह पैर में गोली लगने के बावजूद जंग लड़ी और रावी नदी पर बने दुश्मन के पुल पर कब्जा किया। उसी तरह आप भी दुश्मनों से पहले से ज़्यादा मजबूत होकर लड़ें।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हुई पदाधिकारियों की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह बात खुद बताते हुए कहा कि मेरे दोनों पैरों के अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया है और एक पैर के अंगूठे का नाखून पूरा उखड़ गया है। गहलोत ने कहा ऐसा कभी होता नहीं है। डॉक्टर कह रहे हैं कि पहली बार ऐसा देखा है कि दोनों पैरों के अंगूठे में फ्रैक्चर आ जाए, लेकिन ऐसा हो गया है। सीएम ने कहा अगर हिप या सिर में चोट लग जाती तो और भी परेशानी हो सकती थी। मुझे अभी 15-20 दिन का समय रिकवरी में और लगेगा।
आप पहले से मजबूत होकर दुश्मनों से लड़ेंगे और दोबारा राज लाएंगे-रंधावा
इस पर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कहा कि आप पहले से मजबूत होकर दुश्मनों से लड़ेंगे और दोबारा राज लाएंगे। रंधावा ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि तब कर्नल संधू के पैर में गोली लगी थी, लेकिन फिर भी उस जगह को कपड़े से बांधकर वह दुश्मन के खिलाफ मोर्चा लेने आगे बढ़ते गए और सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण एक पुल पर कब्जा जमा लिया और दुश्मनों को मार गिराया। संजू ने सीएम गहलोत से कहा आप भी पहले से ज्यादा मजबूत होकर दुश्मनों से लड़ेंगे और यहां फिर से राज लाएंगे। प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीएम अशोक गहलोत की तारीफ करते हुए कहा कि आप बहुत सीनियर हैं। तीन बार के मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे। आपकी रहनुमाई और अनुभव का पार्टी को फायदा मिलेगा। आप फिर से राज लाएंगे। यह कहकर इशारों ही इशारों में कांग्रेस नेताओं को रंधवा ने एक बड़ा सियासी मैसेज दे दिया, जिसके सियासी मायने यह हैं कि अशोक गहलोत सरकार की योजनाओं और गहलोत के अनुभव से राज्य में फिर से कांग्रेस सरकार बनाने की तैयारी है।
कौन हैं कर्नल संधू? जिनका ज़िक्र करते हुए रंधावा ने गहलोत की उनसे तुलना की
लेफ्टिनेंट कर्नल एनएस संधू ने पांच दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध में रावी नदी पर बने पुल और उसके छोर पर बने दुश्मन के अभेद्य किले पर कब्जा कर लिया था। पैर में गोली लगने के बावजूद उन्होंने खुदको जंग में मजबूत रखा और हौसला बुलंद, क्योंकि दुश्मन इसी रास्ते पठानकोट, व्यास शहर और अमृतसर की ओर रुख कर सकता था। दुश्मन के मंसूबों को भांपते हुए ले. कर्नल नरिंदर सिंह संधू ने अपनी बटालियन के लगभग 420 जवानों और 21 टैंकों के साथ लक्ष्य की तरफ कूच कर दिया था। दुश्मन की भारी गोलाबारी के बीच लेफ्टिनेंट कर्नल नरिंदर सिंह संधू अपने साथियों के साथ लक्ष्य की तरफ बढ़ते गए और एक-एक कर पाकिस्तानी सेना के बंकरों को नेस्तनाबूत करते गए। जंग में लेफ्टिनेंट कर्नल नरिंदर सिंह संधू के पैर में गोली लगी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने दुश्मन से मोर्चा लेते हुए अपने साथियों का नेतृत्व जारी रखा। आखिरकार भारतीय सैनिकों के युद्ध कौशल और बहादुरी के सामने पाकिस्तानी सैनिक टिक नहीं सकी। संधू ने इस युद्ध में 22 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 14 को बंधक बना लिया था। बाकी दुश्मन मौके से भाग गए। साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का रुख बदलने में ले. कर्नल नरिंदर सिंह संधू की यह जीत बेदह कारगर साबित हुई थी।
बैठक में वीसी के माध्यम से सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों-जिलाध्यक्षों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभी पदाधिकारी नई जिम्मेदारी को निभाते हुए पार्टी की सेवा कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि वे तीन बार मुख्यमंत्री बने और उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि पीसीसी के अधिवेशन में पीसीसी डेलीगेटस् प्रस्ताव पारित कर सरकार को सौंपे।।जिसके आधार पर सरकार की नीतियों का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि पीसीसी और एआईसीसी डेलीगेट्स पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं, प्रदेश कांग्रेस के अधिवेशन में जनता से मिले फीडबैक और क्षेत्रीय आवश्यकताओं की जानकारी प्रस्ताव के माध्यम से सरकार को दी जा सकती है।
राहुल गांधी ने पार्टी का घोषणा पत्र आम जनता से पूछकर बनाने को कहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी का घोषणा पत्र आमजन से पूछकर बनाने के लिए निर्देशित किया है, इसलिये पार्टी के द्वारा अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आधार पर राजस्थान की सरकार ने बजट ऑक्ट जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर निकली थी। जनता से मिले फीडबैक के आधार पर राजस्थान सरकार ने महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई राहत कैंप लगाए हैं।
केंद्र सरकार गलतफहमी में है कि उनकी सरकार हमेशा बनी रहेगी
गहलोत ने कहा- देश में जिस तरह का माहौल बना है वह चिंता का विषय है, क्योंकि केंद्र सरकार इस गलतफहमी में है कि सरकार हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई का दुरूपयोग विपक्ष की सरकारों को गिराने के लिए किया जा रहा है, जिसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र में घटित हुआ। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के लिये चुनौतीपूर्ण समय है। इसलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने का काम करना चाहिए।
कुछ नेता कम उम्र में विधायक सांसद बन गए
उन्होंने कहा कि कोई पद बड़ा या छोटा नहीं होता है। जो पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी निष्ठा से निभाएगा, वहीं आगे बढ़ेगा। गहलोत ने कहा- सोनिया गांधी ने कहा कि सभी लोग थोड़ा धैर्य रखें, क्योंकि सभी को वक्त आने पर पार्टी में मौका मिलता है। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा-कुछ नेताओं को बहुत कम उम्र में विधायक-सांसद जैसे पद मिल गए।
लोग कहने लगे राजस्थान में कांग्रेस सरकार फिर से आ सकती है, एक महीने बाद कहेगी फिर से आएगी
गहलोत ने कहा कि सभी पदाधिकारी एकजुटता के साथ अपनी पूरी क्षमता से कार्य करें, क्योंकि राजस्थान में सरकार के विरूद्ध कोई एंटीइनकबैंसी नहीं है और फिर से कांग्रेस की सरकार आ सकती है। राजस्थानी नहीं देश भर में यह मैसेज गया है हर लोग अब कहने लगे हैं कि प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार आ सकती है। यह बहुत बड़ी बात है। आज वह कह रहे हैं सरकार आ सकती है, लेकिन आ सकती है और आएगी में फर्क होता है। इसलिए आप संगठन के लोग अगर मेहनत करोगे, तो एक महीने बाद लोग कहने लग जाएंगे, राजस्थान में फिर से कांग्रेस सरकार आएगी। उन्होंने कहा कि यदि सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकजुटता के साथ जुट जायेंगे तो कांग्रेस की सरकार प्रदेश में निश्चित रूप से फिर से आयेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना काम किया है, जिसने जो मांगा, सरकार ने दिया, इसलिये अब संगठन को जनता के बीच जाकर जुटना होगा और सुनिश्चित करना होगा प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बने और 2024 में केन्द्र से भाजपा सरकार की विदाई हो।