भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने जयपुर डिस्कॉम के एमडी आर.के. कुमावत पर किसानों से दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगते हुए कहा कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे इस बात के करती है कि हम किसानों को राहत प्रदान करने का काम कर रहे हैं। किसानों के बिजली के बिलों में सब्सिडी देने का काम कर रहे हैं, किसानों की भरी गई वीसीआर को समझौता समिति में लेकर निस्तारण करने का काम कर रहे हैं, पहले बिजली विभाग द्वारा वीसीआर को 50% के आधार पर निर्णय किया जाता था और अब उसको घटाकर 10 प्रतिशत के आधार के ऊपर किया गया है, लेकिन वास्तविकता इससे बहुत परे हैं।
उन्होंने जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक आर.के. कुमावत पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि एमडी अपने अहंकार के अंदर चूर है। किसानों की एक महीने की अवधि की वीसीआर को अधीक्षण अभियंता के पास समझौता समिति लेने के अधिकार है और यदि एक माह की अवधि से अधिक समय हो जाने के बाद VCR को समझौता समिति में लेने का अधिकार जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के पास होता है, लेकिन एक नहीं अनेक किसानों की ये समस्या और पीड़ा है कि जब प्रबंध निदेशक के पास किसान वीसीआर की कॉपी लेकर गए तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। दरवाज़े से बाहर निकालने की धमकी भी दी गई। किसानों पर आरोप लगाया गया कि तुम बिजली विभाग के दलाल हो क्या?
मंत्री ने भी खड़े किए हाथ
एमडी पर इस तरीक़े के भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगे हैं और भ्रष्टाचार के आरोप अभी भी लग रहे हैं। किसानों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के एक नहीं अनेक उदाहरण इस प्रकार के मिल चुके हैं। उसके बावजूद भी सरकार की आख़िरकार क्या मजबूरी है कि इस प्रकार के भ्रष्ट प्रबंध निदेशक को अभी भी पद पर पदस्थापित कर रखा है। विधायक रामलाल शर्मा बोले इस बारे में मेरी बात मंत्री से भी हुई है, लेकिन मंत्री ने भी हाथ खड़े करते हुए कहा कि आपको भी पता है कि राजस्थान में प्रबंध निदेशक कैसे लगते हैं। आखिरकार कितनी मोटी रकम देकर प्रबंध निदेशक बनाने का काम राज्य सरकार की ओर से किया गया, जो किसानों के साथ दुर्व्यवहार करने का काम कर रहा है।