राजस्थान में आज 4 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा तथा 10 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। कम दबाव का क्षेत्र राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से की तरफ बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से 26 अगस्त तक कोटा, उदयपुर तथा जोधपुर संभाग के इलाकों में अत्यधिक भारी व अति भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि 27 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि अगले 2 सप्ताह तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा।
इन जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट
रेड अलर्ट : बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़ और प्रतापगढ़ के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी का रेड अलर्ट जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट : बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, जालौर और पाली में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में आज 4 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा तथा 10 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। कम दबाव का क्षेत्र राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से की तरफ बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से 26 अगस्त तक कोटा, उदयपुर तथा जोधपुर संभाग के इलाकों में अत्यधिक भारी व अति भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि 27 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि अगले 2 सप्ताह तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा।
इन जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट
रेड अलर्ट : बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़ और प्रतापगढ़ के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी का रेड अलर्ट जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट : बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, जालौर और पाली में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
200 से ज्यादा बांध छलके
प्रदेश में बांधों की स्थिति की बात करें तो अब तक 200 से ज्यादा बांध लबालब हो चुके हैं। भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ में बीते 24 घंटों में अच्छी बारिश हुई है, जिसके चलते बीसलपुर बांध में त्रिवेणी नदी से आवक फिर शुरू हो चुकी है। रविवार सुबह बीसलपुर का स्तर बढ़कर 313.50 हो चुका है और त्रिवेणी का गेज 3.10 मीटर पर चल रहा है। प्रदेश के 691 बांधों में 200 ओवर फ्लो हो चुके हैं। मानसून सीजन में राजस्थान के बांधों में अब तक 3822 एमएम से ज्यादा पानी की आवक हो चुकी है। प्रदेश के सभी बांधों की कुल भराव क्षमता 12900.82 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसमें से 535 बांधों में 8022 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है। राज्य के बड़े बांधों की बात करें तो इनकी कुल भराव क्षमता 8104.66 के विरुद्ध 5624.91 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है, जो इनकी भराव क्षमता का कुल 69.40% है।
प्रदेश के बड़े बांधों की स्थिति
कोटा- राणा प्रताप सागर बांध 86.22
कोटा बैराज- 97.09
बांसवाड़ा- माही बजाज सागर- 63.14
बांसवाड़ा- हारो- 26.13
टोंक- बीसलपुर- 63.80
टोंक- गालवा- 100
टोंक- टोरडीसागर- 100
दौसा- मोरेल बांध- 100
धौलपुर- पार्वती बांध- 97.55
बूंदी- गुढ़ा बांध- 94.52
जयपुर- रामगढ़- 0
दूदू- छपरवाड़ा- 55.01
पाली- जवाई बांध- 22.80
पाली- सरदार समंद- 59.77
भीलवाड़ा- मेजा बांध- 4.76
डूंगरपुर- सोमकमला अंबा- 49.21
राजसमंद- 44.18
सलूंबर- जयसमंद- 46.30
प्रतापगढ़- जाखम बांध- 37.20