राजस्थान में मंगलवार को गर्मी ने नए रिकॉर्ड बना दिए। चूरू में अधिकतम तापमान 50.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, पिलानी में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 49 डिग्री पहुंच गया। इससे पहले 2 मई 1999 को पिलानी में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 48.6 डिग्री रहा था।
राजस्थान में मंगलवार को इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा। चूरू में अधिकतम तापमान 50.5 डिग्री पहुंच गया। हालांकि चूरू में 2019 में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 50.8 डिग्री दर्ज किया जा चुका है। पिलानी में पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पारा 49 डिग्री जा पहुंचा। वहीं राजधानी जयपुर में भी इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा। जयपुर में आज अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री रहा।
जयपुर में हीटवेव की चपेट में आए एक छात्र की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक 22 साल के युवक जयपुर में एग्जाम देने आया था। एग्जाम देकर कॉलेज से बाहर निकलते वक्त बेहोश हो गया। इसके बाद जयपुरिया हॉस्पिटल के डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि प्रथम दृष्टया गर्मी से तबीयत खराब होना लगती है।
बूंदी में भीषण गर्मी का सितम, रामगढ़ अभयारण्य में हीट स्ट्रोक से 10 मोरों की मौत
राजस्थान में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। आम लोगों के साथ-साथ अब जंगली जानवरों पर भी गर्मी कहर ढहाने लगी है। बूंदी के रामगढ़ अभयारण्य में हीट स्ट्रोक के चलते 10 राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत हो गई। मोर की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने डॉक्टरों की मौजूदगी में मोर का पोस्टमार्टम करवाया। डॉक्टरों ने भीषण गर्मी के चलते मोर की मौत की पुष्टि की है। पोस्टमार्टम के बाद मोरों के शव को दफना दिया गया। मोरों में 5 नर 5 मादा शामिल हैं, जिनकी मौत हुई है। ये मोर सभी अलग-अलग इलाकों में मृत पाए गए। मामला बूंदी जिले के इंद्रगढ़ रेंज के महुआ देवा जी क्षेत्र का है।
उधर, वन विभाग के डीएफओ संजीव शर्मा का कहना है कि रामगढ़ अभयारण्य में पानी की कोई कमी नहीं है। भीषण गर्मी के चलते मोर की मौत हुई है। हमारी कोशिश है कि जितने भी पानी की स्रोत है उन्हें समय पर भरा जा रहा है, ताकि कोई भी वन्य जीव पानी की तलाश में आबादी इलाके में नहीं पहुंचे। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए वह विभाग ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है।
गौरतलब है की जिस इलाके में मोरों की मौत हुई है, उसी इलाके के 15 दिन पूर्व एक भालू भी पानी की तलाश में भटकता हुआ आबादी में आ गया था। यहां यह भी बताते चले कि अब तक बूंदी जिले में चार लोगों की गर्मी की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है।
वन विभाग बोला, पानी की माकूल व्यवस्था
बूंदी रामगढ़ अभयारण्य के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि बूंदी रामगढ़ अभ्यारण में गर्मी को देखते हुए पानी की माकूल को व्यवस्था की गई है। हमें पहले से ही जानकारी थी कि आने वाले समय में भीषण गर्मी का दौरा होगा, पानी की भी कमी होगी। उसको देखते हुए हमने पहले ही पानी के स्रोतों को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया था। जैसे ही गर्मी आई तो हम लगातार टीम बनाकर इन पानी के स्तोत्र को भरवा रहे हैं। अभी तक कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है ना ही कोई पानी के चलते आबादी क्षेत्र में कोई जंगली जानवर का मूवमेंट देखा गया है। 10 मोरों की मौत के मामले में डीएफओ शर्मा ने कहा कि वह हमारे रामगढ़ क्षेत्र से सीमावर्ती क्षेत्र था। जहां पर 10 मोरों की मौत हुई है फिर भी हमने पोस्टमार्टम करवाया है। पानी से उनकी मौत नहीं हुई है उनकी मौत भीषण गर्मी के कारण हुई है। सभी मोर अलग-अलग स्थान पर मिले हैं।