राजस्थान ने मंगलवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन देखा। कई शहरों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरे प्रदेश में हीट वेव का व्यापक असर नजर आया और 22 जिलों में लू ने हालात बेहाल कर दिए। इनमें पूर्वी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा तथा पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के सातों संभागों में तापमान सामान्य से कम से कम 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक राहत के आसार नहीं हैं। हालांकि इसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है और तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। भीषण लू के चलते लोगों की हालत खराब हो रही है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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मंगलवार सुबह तक मौसम विभाग ने 19 शहरों में लू की चेतावनी जारी की थी, जिनमें सिर्फ जैसलमेर को रेड अलर्ट श्रेणी में रखा गया था। लेकिन दोपहर तक हालात इतने बिगड़ गए कि राजधानी जयपुर सहित 22 जिले लू की चपेट में आ गए। हालात यह हैं कि रात 9 बजे तक भी गर्म हवाएं महसूस की जा रही हैं और तापमान में गिरावट नहीं हो रही।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ घंटों में प्रदेश का तापमान और बढ़ सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल मई में पारा 50 डिग्री को पार कर गया था, लेकिन इस बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही तापमान 46 डिग्री को पार कर गया है। बीते साल अप्रैल में अधिकतम तापमान 43 डिग्री था, जिससे इस बार की गर्मी कहीं अधिक तीव्र मानी जा रही है।