राजस्थान पिछले 5 वर्षों में सबसे ज्यादा टोल टैक्स देने वाला राज्य रहा है, जहाँ 29,700 करोड़ रुपए टोल के रूप में एकत्रित हुए। राज्य में 174 टोल प्लाजा हैं और नेशनल हाईवे की 8,731 किमी सड़कें टोल के दायरे में आती हैं। हालांकि सड़कों की हालत खराब है और दुर्घटनाओं में मदद देर से मिलती है। सरकार ने MLFF (मल्टी-लेन फ्री फ्लो) टोल सिस्टम लागू करने का फैसला किया है, जिसमें FASTag और कैमरा तकनीक से शुल्क बिना रुके काटा जाएगा।
अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर के दौरान खराब सड़क को कोस रहे हैं तो यह जानकारी आपको और भी परेशान कर सकती है कि राजस्थान देश में सबसे ज्यादा टोल टेक्स देने वाला राज्य है। बीते 5 वर्षों में राजस्थान राजस्थान के लोगों ने टोल टैक्स के रूप में टोल कंपनियों को 29,700 करोड़ रुपए चुकाए हैं। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने लोकसभा में राजस्थान के सांसद बृजेंद्र ओला के सवाल के जवाब में दी है। ओला राजस्थान की झुंझुनू सीट से कांग्रेस के सांसद हैं।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने ये दिया जवाब
मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में यह भी बताया गया है कि सरकार ने एक नई प्रणाली शुरू करने का फैसला किया है, जिसे मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल कहा जाता है। इसके तहत टोल प्लाजा पर गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं होगी। इस प्रणाली में कैमरा और RFID टैग (FASTag) जैसी तकनीकें इस्तेमाल की जाएंगी। इससे टोल का पैसा अपने आप गाड़ी से काट लिया जाएगा, और ड्राइवर को टोल पर रुकना, धीमा होना या लाइन में खड़ा होना नहीं पड़ेगा।
ओला ने कहा कि राजस्थान देश में सबसे ज्यादा टोल टैक्स दे रहा है। पिछले 5 साल में करीब 29,700 करोड़ का टोल टैक्स इकट्ठा हुआ है लेकिन टोल सड़कों की हालत खस्ता और दयनीय है। अनुमान है कि जयपुर-दिल्ली और अजमेर तक के NH-48 से सबसे ज्यादा टोल मिला है। खुद नितिन गडकरी ने 8 साल पहले इस हाईवे का निरीक्षण किया था। उन्होंने वादा किया था कि सालभर में ये हाईवे पूरी तरह से तैयार हो जाएगा लेकिन उसका काम अबतक पूरा नहीं हुआ। सड़कों के कई हिस्से टूटे हुए हैं, साइड लेन अधूरी हैं। ओला ने बताया मेरे संसदीय क्षेत्र में फतेहपुर में 52 एनएच पर पिछले दिनों 7 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो गई लेकिन उन्हें 2 घंटे तक एंब्यूलेंस नहीं मिली।
| राज्य/State | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 (Apr-Dec) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1979.08 | 2434.42 | 3273.86 | 3502.27 | 3718.55 | 3273.459 |
| तेलांगाना | 1052.46 | 1380.04 | 1826.27 | 2097.57 | 2310.87 | 1728.982 |
| बिहार | 1247.63 | 1271.55 | 1566.07 | 1720.81 | 2036.94 | 1587.944 |
| गुजरात | 2720.81 | 3642.40 | 4518.96 | 4851.04 | 5450.20 | 4626.054 |
| हरियाणा | 768.60 | 485.62 | 1518.72 | 2072.34 | 1956.38 | 3008.396 |
| पंजाब | 282.15 | 293.47 | 1188.16 | 1491.94 | 1574.03 | 1277.87 |
| जम्मू और कश्मीर | 108.75 | 194.81 | 409.96 | 436.86 | 507.56 | 379.683 |
| हिमाचल प्रदेश | 5.80 | 37.11 | 55.64 | 113.97 | 171.00 | 70.914 |
| झारखंड | 304.69 | 422.19 | 607.32 | 818.21 | 894.55 | 834.617 |
| कर्नाटक | 1866.39 | 2351.26 | 3167.79 | 4086.18 | 4320.27 | 3504.928 |
| महाराष्ट्र | 2590.85 | 3386.20 | 4660.21 | 5352.53 | 6170.39 | 5124.267 |
| मध्यप्रदेश | 2178.19 | 2472.96 | 3184.62 | 3585.43 | 4188.15 | 3173.658 |
| उड़ीसा | 619.14 | 685.64 | 1274.49 | 1745.10 | 1856.10 | 1530.208 |
| राजस्थान | 3330.39 | 3940.03 | 5053.58 | 5697.04 | 6289.22 | 5386.168 |
| तमिलनाडू | 2332.79 | 2695.78 | 3817.49 | 4221.50 | 4459.41 | 3498.643 |
| उत्तर प्रदेश | 3086.87 | 3268.35 | 4811.24 | 5774.42 | 6573.82 | 6565.679 |
| उत्तराखंड | 102.08 | 324.23 | 458.27 | 533.61 | 581.73 | 277.652 |
| पश्चिमी बंगाल | 1744.89 | 2031.03 | 2618.71 | 2795.29 | 3042.86 | 2389.508 |
| केरल | 180.59 | 215.66 | 460.71 | 562.71 | 579.22 | 398.185 |
| आसाम | 146.66 | 299.48 | 465.90 | 488.49 | 547.56 | 469.25 |
| मेघालय | 62.91 | 88.47 | 93.61 | 95.82 | 83.75 | 62.596 |
| छत्तीसगढ़ | 384.46 | 481.89 | 865.75 | 1099.74 | 1146.85 | 932.287 |
| दिल्ली | 782.49 | 1167.91 | 1786.08 | 2558.26 | 3016.73 | 68.619 |
| गोवा | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
| Total | 27926.67 | 33928.66 | 48032.40 | 55882.12 | 61408.15 | 50195.02 |
(सभी आंकड़े करोड़ रुपये में हैं)