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जासूसी कैमरा विवाद: विधानसभा स्पीकर पर डोटासरा के गंभीर आरोप, ‘ऐसे शख्स को डूबकर मर जाना चाहिए’; क्यों कहा?

Sat, 13 Sep 2025 06:55 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Spy Camera Controversy: पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा का आरोप है कि कांग्रेस की महिला विधायकों को रेस्ट रूम में बैठकर कैमरों से देखा जा रहा है- वे किस हालात में हैं, किस वेशभूषा में हैं और आपस में क्या बातचीत कर रही हैं।
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पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा तथा विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में कैमरे लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला विधायकों की निजता से खिलवाड़ किया जा रहा है। डोटासरा का कहना है कि कांग्रेस की महिला विधायकों को रेस्ट रूम में बैठकर कैमरों से देखा जा रहा है- वे किस हालात में हैं, किस वेशभूषा में हैं और आपस में क्या बातचीत कर रही हैं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसा शर्मनाक कार्य करने वाले व्यक्ति को डूबकर मर जाना चाहिए।
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विपक्ष ने लगाया निजता हनन का आरोप
दरअसल, विधानसभा परिसर में अतिरिक्त कैमरे लगाने का मामला पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है। कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर संयुक्त कमेटी से जांच की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर विधायकों की जासूसी हो रही है और उनकी निजता का हनन किया जा रहा है।
 
‘केवल सुरक्षा और रिकॉर्डिंग के लिए कैमरे’
कांग्रेस के आरोपों को विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि कैमरे केवल सुरक्षा कारणों और 360 डिग्री व्यू रिकॉर्डिंग के उद्देश्य से लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपैड और अन्य तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं, न कि किसी की जासूसी के लिए।
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‘विधानसभा सार्वजनिक स्थल, पारदर्शिता जरूरी’
वहीं, भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि विधानसभा जैसी सार्वजनिक जगह पर कैमरे लगाए जाना परंपराओं और नियमों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि निजता का सवाल केवल बाथरूम, वॉशरूम या बेडरूम में उठता है, न कि सार्वजनिक स्थलों पर। तिवाड़ी का मानना है कि सदन में होने वाली हर गतिविधि और हर शब्द को रिकॉर्ड होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
 
विवाद से गरमाया माहौल, सबकी निगाहें जांच पर
लगातार आरोप-प्रत्यारोप से विधानसभा का माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस जहां जांच कमेटी की मांग पर अड़ी है, वहीं भाजपा और स्पीकर इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार संयुक्त जांच कमेटी गठित करेगी या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा।

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