फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Assembly: आश्रम हॉस्टलों में बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद पर हंगामा, स्पीकर ने दिए जांच के आदेश

Wed, 18 Feb 2026 03:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Assembly Session Update: राजस्थान विधानसभा में आश्रम हॉस्टलों के लिए बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद पर हंगामा हुआ। दरों में अंतर को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। मंत्री ने स्थानीय खरीद का बचाव किया। स्पीकर ने जांच के आदेश देते हुए भुगतान रोकने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सदन में सवाल पूछे जाने पर कागज पलटने लगे मंत्री बाबूलाल खराड़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आश्रम हॉस्टलों के लिए बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद का मुद्दा गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी विपक्ष के सवालों में घिरते नजर आए।

विज्ञापन

 
सदन में कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह बामणीया ने अलग-अलग हॉस्टलों में खाद्य सामग्री की खरीद दरों में अंतर को लेकर सवाल उठाया। मंत्री जवाब के दौरान कागज पलटते रहे। जब प्रतिपक्ष ने स्पष्ट उत्तर मांगा तो मंत्री ने अफसर दीर्घा की ओर देखकर पूछा कि संबंधित कागज कहां हैं।
 
दरों में अंतर को लेकर विवाद
अर्जुन सिंह बामणीया ने स्पीकर से कहा कि मंत्री यह नहीं बता रहे कि खरीदी गई खाद्य सामग्री की दरों में कितना अंतर है। सवालों के बीच मंत्री ने कहा कि दरें बाजार से कम हैं। इस पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि उनका सवाल दरों के अंतर को लेकर है और यदि मंत्री के पास जानकारी नहीं है तो वे अपने दस्तावेज सदन में प्रस्तुत कर सकते हैं। स्पीकर ने भी मंत्री को टोकते हुए कहा कि दरें स्पष्ट रूप से बताई जाएं।
विज्ञापन

 
टेंडर प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोप
विपक्ष का आरोप है कि 50 हजार रुपये से अधिक की खरीद टेंडर प्रक्रिया से होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय हॉस्टल वार्डनों को सीधे खरीद की अनुमति दी गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि इससे मनमानी दरों पर खरीद की गई और भ्रष्टाचार की आशंका उत्पन्न हुई।

पढ़ें- राजस्थान विधानसभा: विमर्श शुल्क पर सदन में घिरी सरकार, कांग्रेस विधायक मनीष यादव बोले- ये 223 करोड़ का घोटाला
 
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग हॉस्टलों में घी की कीमतों में बड़ा अंतर पाया गया, जहां कहीं 800 रुपये प्रति लीटर, कहीं 550 रुपये और कहीं 408 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद हुई। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।
 
मंत्री की सफाई और जांच के निर्देश
मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर खरीद की गई, क्योंकि कई स्थानों पर उपभोक्ता दुकानें उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने बताया कि जहां दरें अधिक पाई गई हैं, वहां जांच कराई जा रही है और सहकारी भंडारों से खरीदी के बिल मौजूद हैं।
विज्ञापन

 
सदन में इस मुद्दे पर काफी देर तक बहस चलती रही। अंततः स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी और जांच पूरी होने तक भुगतान रोका जाएगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें