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Rajasthan News : सरकारी स्कूलों को लेकर मचा घमासान, कांग्रेस के स्कूल बंद करने के आरोप पर भाजपा का करारा जवाब

Sat, 18 Jan 2025 11:21 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने 450 सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार ने एक भी स्कूल बंद नहीं किया बल्कि स्कूलों को मर्ज किया गया है।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 450 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने आरोपों पर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि 450 स्कूलों को बंद करने के निर्णय से यह जाहिर होता है कि सत्तारूढ़ पार्टी का असली मकसद शिक्षा को निजी हाथों में सौंपना है। शिक्षा की व्यवस्था को सुधारने और उसमें विस्तार की बजाय बीजेपी की सरकार हमेशा स्कूलों को बंद करने का काम करती है। कांग्रेस के इन आरोपों पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर व राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

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दिलावर बोले- स्कूल बंद नहीं, मर्ज किए हैं

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने स्कूल बंद करने को लेकर किए जा रहे कांग्रेस द्वारा भ्रामक प्रचार की निंदा करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने एक भी स्कूल बंद नहीं किया है, बल्कि स्कूलों को समन्वित किया है ताकि स्कूलों को और सुदृढ़ किया जा सके। जो विद्यालय एक ही परिसर में दो-दो चल रहे थे या आसपास के क्षेत्र में ही दो विद्यालय संचालित थे। ऐसे विद्यालयों को समायोजित करके एक किया गया है, ताकि विद्यालय के संसाधनों और शिक्षकों का सही तरीके से सदुपयोग हो सके और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध हो सके।

साथ ही कुछ विद्यालय ऐसे भी थे, जिनमें नामांकन शून्य अथवा बहुत कम था, ऐसे विद्यालयों को भी निकटवर्ती विद्यालय में समायोजित किया गया है,  जिससे इन कम नामांकन वाले विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित किया जा सके। हमने एक भी विद्यालय बंद नहीं किया है।
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तिवाड़ी बोले- कांग्रेसियों को पढ़ने और सीखने की जरूरत

इधर भाजपा सांसद और पूर्व शिक्षा मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा सरकारी स्कूलों को लेकर फैलाए जा रहे झूठ पर पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षा में राजनीति की जरूरत नहीं है, बल्कि राजनीति में शिक्षा की जरूरत है। कांग्रेसियों को पढ़ने और सीखने की जरूरत है। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश के नेता भी मूर्खतापूर्ण और अज्ञानतापूर्ण बयानबाजी कर रहे हैं। अब कांग्रेसी नेता कह रहे हैं कि भाजपा सरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया, जबकि सरकार ने एक भी स्कूल को बंद नहीं किया है। 

भाजपा सरकार ने शून्य नामांकन वाले स्कूलों को नजदीक की स्कूल में मर्ज करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। सरकार के इस फैसले से शून्य नामांकन वाली स्कूलों को मर्ज करने के बाद शिक्षकों को जरूरत के अनुसार दूसरी स्कूलों में लगाया जा सकेगा, इससे शिक्षण व्यवस्था में भी सुधार आएगा। 

कांग्रेस ने लगाए थे स्कूल बंद करने के आरोप

गौरतलब है कि कांग्रेस ने मौजूदा भजनलाल सरकार पर 450 सरकारी स्कूल बंद करने के आरोप लगाए थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने बयान दिया था कि सरकारी स्कूलों को बंद करना बीजेपी की नीति रही है। पहले की कांग्रेस सरकार में राज्य में लड़कियों के एक भी स्कूल को बंद नहीं किया गया था, जबकि बीजेपी सरकार ने एक साल में 450 स्कूल बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद करना हमेशा से बीजेपी की नीति रही है। पहले की वसुंधरा राजे सरकार में समन्वय के नाम पर 22,204 स्कूल बंद कर दिए गए थे। जबकि हमारी सरकार ने बंद किए गए स्कूलों को खोला था हिंदी मीडियम के 1500 से अधिक, महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम के 367 स्कूलों को दोबारा ऑपरेट किया था, जबकि बीजेपी समीक्षा के नाम पर लड़कियों के स्कूलों को बंद करने और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को कम करने की तैयारी कर रही है।

गहलोत बोले- शिक्षा का गला घोंट रही बीजेपी

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी आज इस मुद्दे को लेकर बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा कालीबाई भील की धरती राजस्थान में महिला शिक्षा का गला घोंट रही है। अच्छी नामांकन संख्या वाले स्कूलों को बंद करना भाजपा की महिला शिक्षा पर सर्जिकल स्ट्राइक है। इनका छुपा हुआ एजेंडा सामने आ रहा है, ये नहीं चाहते कि लड़कियां पढ़ें-लिखें और आगे बढ़ें। हमारी सरकार ने बालिकाओं के ड्रॉप आउट रेट को कम से कम करने के लिए कम नामांकन होने पर भी स्कूलों को चालू रखा, जिससे एक भी बच्ची को पढ़ाई ना छोड़नी पड़े। हमने नीति बनाई कि जिन स्कूलों में 11वीं तथा 12वीं कक्षा में बालिकाओं का नामांकन 500 से अधिक होगा, वहां कॉलेज खोल दिया जाएगा। हमारा प्रयास था कि बालिकाओं को पढ़ाई के अधिक से अधिक मौके दिए जाएं। भाजपा की अदूरदर्शी नीतियां राजस्थान को पीछे की ओर ले जा रही हैं। इसका खामियाजा उन बच्चियों को भुगतना पड़ रहा है, जिनके शिक्षा के केन्द्रों पर ताला लगाया जा रहा है।

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