Rajasthan: राजस्थान अब देश में रेयर अर्थ तत्वों का एक बड़ा केंद्र बन गया है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने राज्य में 83.59 मिलियन टन से भी अधिक रेयर अर्थ संसाधन पाए हैं, जो मुख्य रूप से बालोतरा और सीकर जिलों में स्थित हैं। सरकार ने खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू कर दी है और REE संसाधनों को औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योगों से जोड़ने की तैयारियां कर रही है।
राजस्थान अब देश में रेयर अर्थ तत्वों का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने राज्य में कुल 83.59 मिलियन टन रेयर अर्थ संसाधनों की पहचान की है, जो मुख्य रूप से बालोतरा और सीकर जिलों में पाए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय खनन मंत्रालय ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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'खनिज ब्लॉकों की नीलामी पर काम जारी'
सांसद दुष्यंत सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि इन खनिजों की उपलब्धता, खनिज ब्लॉकों की नीलामी और सरकार की योजनाओं पर काम जारी है, ताकि अन्वेषण और औद्योगिक विकास को जोड़ा जा सके।
बालोतरा और सीकर में मिला भंडार
GSI के 2015 के MMDR संशोधन अधिनियम के बाद किए गए सर्वेक्षणों में बालोतरा जिले के कालौर का दंता के उत्तर में 46.83 मिलियन टन और गुग्रोत के पूर्व में 25.52 मिलियन टन बड़े भंडार पाए गए। इसके अलावा सीकर जिले के सुकलेश्वर का मंदिर, मावरी, गुड़नाल और लाड़ी का बस जैसे स्थानों में छोटे भंडार भी खोजे गए। अधिकांश खोज अभी G3 अन्वेषण चरण में हैं, यानी यह प्रारंभिक स्तर का अनुमान है और आगे और जांच की संभावना है।
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राजस्थान के लिए बेहद अहम
1 अप्रैल 2025 तक के राष्ट्रीय खनिज रिकॉर्ड के अनुसार, बालोतरा में अकेले 81.86 मिलियन टन और सीकर में 1.73 मिलियन टन REE संसाधन मौजूद हैं, जो पश्चिम राजस्थान को देश के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
तीन REE खनिज ब्लॉकों की नीलामी
केंद्रीय खनन मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राजस्थान में तीन REE खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई है। इनमें बालोतरा के गुग्रोत का दक्षिण-पूर्वी लाइसेंस ब्लॉक, भाटिखेड़ा का REE-नियोबियम-ज़िरकोनियम खनन ब्लॉक और नावतला-देवीगढ़ अन्वेषण ब्लॉक शामिल हैं। नावतला-देवीगढ़ ब्लॉक के लिए अक्टूबर 2025 में राज्य सरकार ने लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया।