सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान के हालातों पर लोकसभा में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में भारत मां की बेटियों का शोषण हो रहा है। गहलोत राज में राजस्थान में भारत मां की बेटियों को नोंचा जा रहा हैं, नृशंस हत्याएं हो रही हैं। विपक्ष मौन बैठा हुआ है। राजस्थान की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। राठौड़ ने विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि 2023 में उस भट्टी में जलती बेटी की चित्कार से भस्म होगी गहलोत सरकार।
राजस्थान में अपराध की सीमा चरम पर कर गई
कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने कांग्रेस पार्टी का हमला बोलते हुए गुरुवार को सदन में राजस्थान में बढ़ती महिला उत्पीडन, दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं पर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी, लेकिन अब ये पूरी तरह राजस्थान को भूल चुके है। दुर्भाग्यवश मुझे कहना पड़ रहा है आज जब इस समय मैं आज सदन आपके सामने अपनी बात रख रहा हूं तब भी राजस्थान के सवाई माधोपुर में राजस्थान की एक नाबालिग बेटी की लाश कुंए से निकाली गई है सम्भवत: जिसका रेप हुआ है। हाल ही में भीलवाड़ा के कोटड़ी में 14 साल की मासूम बच्ची, जिसने दुनिया भी नही देखी थी, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। जिंदा को काटा गया, फिर भी नही मरी तो उससे कोयले की भट्टी में डाल कर जला दिया गया। लेकिन प्रदेश की गहलोत सरकार के मुखिया, मंत्री, विधायक किसी ने भी एक शब्द बोलना या फिर एक बयान जारी करना भी उचित नहीं समझा। बल्कि गहलोत सरकार राहुल गांधी की आवभगत में लगी हुई थी, कांग्रेस सरकार को शर्म आनी चाहिए।
राजस्थान में भारत माता की बेटियां सुरक्षित नहीं
राठौड़ ने कहा कि डूंगरपुर में नौवीं कक्षा की शिक्षक के साथ पांच लोगो ने सामूहिक दुष्कर्म किया। लेकिन कांग्रेस सरकार को इसे कोई फर्क नही पड़ता। उन्होंने कहा कि करौली में 21 साल की एक लड़की को अगवा किया। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहते है कि प्रदेश में अपराध इसलिए बढ़ रहे क्योंकि FIR तुरंत हो रही है। बच्ची के परिजन जब पुलिस स्टेशन जाते है FIR करवाने, तो पुलिस उससे धक्के मार कर बाहर निकाल देती है। अगले दिन बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। फिर गोली मारी जाती है, गोली से नही मरती तो उसके ऊपर एसिड फेंका जाता है। इससे भी नही मरी तो उसे कुंए में डाल दिया जाता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा संवेदनशीलता का ढोंग रचने वाले कांग्रेस के मुख्यमंत्री कहते हैं कि यह दुष्कर्म के मामले झूठे हैं और आधे मामले पीड़िता के परिजन करवा रहे है। गहलोत देश मे पहले किसी राज्य के गृहमंत्री है जो इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान देते है। गहलोत सरकार के एक मंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश दुष्कर्म के मामले में नंबर वन पर है। क्योंकि राजस्थान मर्दो का प्रदेश है। राजस्थान में प्रतिदिन 17 मामले दुष्कर्म और सात हत्याएं होती हैं। विधायकों के पीए, भाई और भतीजों के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप है और उन पर एफआईआर हुई है, लेकिन कुछ नहीं होता।
गहलोत सरकार केवल तुष्टीकरण की राजनीति करती है।
राठौड़ ने गहलोत सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि अलवर में 300 साल पुराना शिव मंदिर तोड़ा जाता है। सालासर में राम दरबार गेट पर बुलडोजर चलाया जाता है राजस्थान में कांग्रेस तुष्टीकरण की नीति के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार एक समुदाय विशेष को ध्यान में रखते हुए उनके लिए एक आदेश पारित किया जाता है। आदेश में कहा जाता है की इस समुदाय के लिए बिजली कटौती नहीं होगी, क्योंकि उस समुदाय का एक त्योहार है जबकि हिंदू त्योहारों पर भगवा पताका फहराने पर पाबंदी लगाई जाती है। रामभजन बजाने पर पाबंदी लगाई जाती है। यह सरकार सिर्फ एक समुदाय विशेष के लिए काम कर रही है। गहलोत सरकार के चार वर्ष के शासन में 10 पुजारियों की हत्या हुई है। धार्मिक स्थलों को बचाने के लिए संतों ने अपना जीवन दिया है।