राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत सरकार के 24 अप्रैल से लगने वाले महंगाई राहत शिविर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साढ़े चार साल आम जनता को महंगाई से राहत नहीं दिलाई। अब विधानसभा चुनाव से छह-सात महीने पहले लोगों को इस तेज गर्मी और धूप में राहत कैंपों में बुलाने का फरमान दिया है। महंगाई राहत कैंपों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी बिठाया जाएगा। साथ ही सरकारी अधिकारियों की भी ड्यूटी रहेगी। इन शिविरों का सरकार कांग्रेसी करण करने जा रही है।
राजेन्द्र राठौड़ ने जयपुर में राजस्थान प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और महंगाई राहत कैम्प पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई में राहत को शिविर की कहां जरूरत है? तेज धूप में इंसान चाहे वह बुजुर्ग ही क्यों ना हो, आपके पास आए, फार्म भरे, तभी आप राहत दोगे। यह प्रोपेगेंडा क्यों बनाया जा रहा है?
महंगाई राहत कैंप भी फ्लॉप होगा
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि महंगाई राहत के 2700 कैंप लगेंगे। भारत जोड़ो यात्रा की विफलता के बाद महंगाई राहत कैंप भी फ्लॉप होगा। असंतुष्ट कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चुनावी साल में कैंप प्रभारी बनाकर यह सरकार मान-मनौव्वल कर रही है। शिविर का कांग्रेसीकरण किया जा रहा है। महंगाई राहत कैंप और प्रशासन शहरों के संग अभियान में सरकारी कर्मचारी भी साथ नहीं है। 50 हज़ार मंत्रालय कर्मचारी, 700 तहसीलदार, 1100 नायब तहसीलदार, 4121 गिरदावर, 12000 पटवारी, 11000 से ज्यादा ग्राम विकास अधिकारी, 6000 सूचना सहायक, 11285 से ज्यादा सरपंच सरकारी कार्यों का बहिष्कार कर रहे हैं। इस कारण मकानों की रजिस्ट्री, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, जमाबंदी, गिरदावरी नकल और नामंत्रण जैसे जनता से जुड़े काम सीधे तौर पर रुके हुए हैं। यह पहली सरकार है, जो इन सरकारी कर्मचारियों से किए अपने लिखित वादे तक नहीं निभा रही है।
घर बैठे डीबीटी के जरिए योजना का लाभ दिया जा सकता है
उन्होंने कहा कि महंगाई राहत कैंप में रजिस्ट्रेशन के नाम पर भीड़ इकट्ठी करने की सरकार की योजना है। केंद्र सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए जनता को लाभ दे रही है। राज्य सरकार की मंशा ठीक होती, तो घर बैठे डीबीटी स्कीम के जरिए भी योजना का लाभ दिया जा सकता था।
जन घोषणा पत्र में कांग्रेस में झूठा वादा किया
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के जन घोषणा पत्र में पेज 38 के बिंदू संख्या 49 में महंगाई नियंत्रण के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम का कांग्रेस में झूठा वादा किया था। जन घोषणा पत्र के ही पेज 39 के बिंदु संख्या 53 में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की घोषणा की गई। 54 में रसोई गैस की कीमतों पर नियंत्रण का प्रयास करने की बात कही गई, लेकिन आज तक किया हो नहीं पाया।
चुनावी साल में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग
राठौड़ बोले कि यह दुर्भाग्य है कि महंगाई राहत कैंपों के प्रभावी हर पांचवें तहसीलदार पर रिश्वतखोरी का आरोप है। 304 तहसीलदार, 175 नायब तहसीलदार एसीबी की जांच के दायरे में हैं। भ्रष्टाचार पर जीरो डिस्क्रिशन, जीरो करप्शन और जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सरकार एसीबी की ओर से आरोप प्रमाणित करने के बाद पकड़े गए 557 कार्मिक और अधिकारियों की अभियोजन स्वीकृति रोककर बैठी है। एक शिविर में 150 कर्मचारी और अधिकारी बिठा रहे हैं। चुनावी साल में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग टीए-डीए का अतिरिक्त भार सरकारी खजाने पर आएगा।
महंगाई का बूस्टर डोज इस सरकार ने दिया
राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट लग रहा है ।सर्वाधिक मंडी टैक्स और सर्वाधिक महंगी बिजली के कारण भी प्रदेश में महंगाई चरम पर है। राजस्थान में पेट्रोल पर 31.04 परसेंट वैट और 1.50 रुपए रोड सेस है। डीजल पर 19.30 परसेंट वैट और 1.75 रुपए रोड सेस है। जबकि पिछली बीजेपी सरकार के समय डीजल पर वैट 18 परसेंट और पेट्रोल पर वैट 26 परसेंट ही था। गहलोत शासन में अब तक 6 बार पेट्रोल- डीजल पर वैट बढ़ाया गया और मात्र 2 बार घटाया गया।महंगाई का बूस्टर डोज इस सरकार ने दिया है।
चुनाव से सात महीने पहले आई गरीबों की याद
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि महंगाई राहत कैंप मात्र ढिंढोरा है। आचार संहिता लगने से सात महीने पहले मुखिया जी को गरीबों की चिंता जताई है। सरकार की सरपरस्ती में सरकारी महकमों में सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता हुआ सुविधा शुल्क लग रहा है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल सर्वे में 67 परसेंट और इंडिया करप्शन सर्वे 2021 और ट्रेस रिश्वत मैट्रिक्स 2021 के सर्वे में 78 फीसदी लोगों ने माना है कि सरकारी कार्य के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है।
कांग्रेसी योजनाओं का प्रचार-प्रसार सरकारी खजाने से
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सांख्यिकी विभाग की ओर से राजीव गांधी युवा मित्र योजना के तहत 2000 युवा मित्रों को 17000 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। 350 राजीव गांधी समन्वयक को को 32000 रुपए प्रतिमाह मानदेय है। प्रदेश के 165 थानों में सरकार पैरा लीगल वॉलिंटियर्स की नियुक्ति कर रही है। उन्हें 15000 रुपए का मानदेय भी दिया जाएगा। प्रशासन शहरों के संग अभियान में नगर मित्र के रूप में सत्ता के अधिकृत दलाल नियुक्त किए गए हैं। 80 हजार स्वास्थ्य मित्र और 70 हजार डिजिटल सखियां रखे हैं। कांग्रेस की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए सरकारी खाते से पैसा खर्च किया जा रहा है।
जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की रिहाई पर घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारी सिस्टम से त्रस्त जनता द्वारा आत्महत्या करने की श्रृंखला जारी है। राठौड़ ने जयपुर शहर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दोषियों की रिहाई सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से होने पर भी सवाल खड़े किए।
पेपर लीक मामले में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने कलंकित किया
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले को बड़ा मुद्दा बताते हुए सवाल खड़े किए हैं। इस पर राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि यह पायलट का कहना हो सकता है। लेकिन भाजपा पहले से यह बात कह रही है। बीजेपी ने पेपर लीक मामले को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी किए हैं। आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटरा ने कलंकित किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही उन्हें नियुक्त किया था। गहलोत ने पिछले कार्यकाल में आरपीएससी में जिस तरीके से हबीब खां गौराण को रखा था और उनके भ्रष्टाचार उजागर हुए थे। उसी तरह का यह मामला है।
बजटीय प्रावधान किए बिना सरकार घोषणा कर रही
नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ बोले कि सरकार ने कई घोषणाएं बिना बजटीय प्रावधान के की हैं और यह नहीं बताया कि उनका पैसा कहां से आएगा? 1.33 करोड़ महिलाओं को स्मार्ट फोन देने की घोषणा भी की गई। महंगी बिजली देने, फ्यूल सरचार्ज लगाने और अडानी की कंपनी को इंडोनेशिया से 18000 रुपये मीट्रिक टन भाव पर कोयला खरीद का टेंडर देने पर भी ही राठौड़ ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा।